बनारस की कुंजगली और बनारसी साड़ी

बनारस की कुंजगली और बनारसी साड़ी

वाराणसी (महामीडिया) देश-दुनिया में बनारस का नाम जितना प्रसिद्ध है उतनी ही प्रसिद्ध हैं यहां की गलियां। बनारस की हर गली की एक विशेषता है। इन्हीं तंग गलियों में पूरा लघु भारत समाहित है। बनारस की इन्ही तंग गलियों में एक गली है कुंजगली। कुंजगली सिर्फ तंग गली ही नहीं बल्कि इस गली ने दुनिया तक बनारसी साड़ी पहुंचाने में अहम योगदान दिया है। अब यूपी सरकार ने इस गली को विशेष स्थान देने की तैयारी की है। कुंजगली को अब जल्द ही देश के पर्यटन मानचित्र में देखा जा सकेगा। 
कुंजगली, जिसे बनारसी साड़ी मंडी भी कहा जाता है। आज भी इस गली में लगभग 400 दुकानें हैं, जो 200 साल से भी अधिक पुरानी हैं। इन दुकानों पर सिर्फ बनारसी साड़ियां ही बिकती हैं। ये साड़ियों का थोक बाजार है।
एक समय इस गली में पूर्वांचल के बुनकरों का वो बाजार हुआ करता था, जहां बुनकर अपनी कारीगरी का सही दाम पाता था। उसे अपनी साड़ी बेचने के लिए किसी दलाल की जरूरत नहीं पड़ती थी। वो सीधा यहां पर आकर जो दुकानदार सही दाम दे उसे बेच देता था। बुनकरों को सही मेहनताना मिलता था। 
इस गली से ही पूरे देश में बनारसी साड़ी की सप्लाई होती थी। इसी गली से बनारसी साड़ी को पहचान मिली। देश-दुनिया के लोग इसी गली में आकर बनारसी साड़ियों की खरीदारी करते थे। 
इस बीच अच्छी खबर ये है कि यूपी सरकार अब इस गली की ब्रांडिंग के लिए इसको पर्यटन के मानचित्र पर डालने की तैयारी कर रही है। बनारस पर्यटन विभाग के अधिकारी कीर्तिमान बताते हैं कि इस गली की ब्रांडिंग के लिए इस गली को मानचित्र में जगह दी जा रही है। इस गली को पर्यटन विभाग के वेब पेज पर भी अलग से एक कॉर्नर दिया जा रहा है, जिसमें इस गली की खासियत और बनारसी साड़ी के लिए इसकी व्यवस्था बताई जाएगी। 
 

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