बेंगलुरु हिंसा में भी सामने आया पीएफआई का नाम

बेंगलुरु हिंसा में भी सामने आया पीएफआई का नाम

बेंगलुरु[ महामीडिया ]  पैगंबर मोहम्मद को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट से बेंगलुरु में हिंसा की आग ऐसी भड़की कि इस तोड़-फोड़ और आगजनी में तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 60 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। दरअसल, मंगलवार यानी 11 अगस्त की रात को बेंगलुरु के पुलाकेशी नगर में पैगंबर साबह को लेकर एक पोस्ट से नाराज एक समुदाय विशेष के लोगों ने कांग्रेस विधायक अंखंड श्रीनिवास मूर्ति के आवास के बाहर जमकर बवाल काटा, तोड़-फोड़ और आगजनी की। हालांकि, हिंसा फैलाने के आरोप में पुलिस ने 110 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाम ऐसा सामने आया है, जिसके संगठन के तार दिल्ली दंगों से जुड़े थे। बेंगलुरु पुलिस ने डीजे हलाली पुलिस थाना क्षेत्र में हिंसा भड़काने के आरोप में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया यानी एसडीपीआई नेता मुजामिल पाशा को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि मुजामिल पाशा ने ही पैगंबर साहब को लेकर एक कथित पोस्ट की वजह से भीड़ इकट्ठा की और हिंसा को भड़काने का काम किया। यहां ध्यान देने वाली बात है कि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया यानी कि एसडीपीआई इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया  का राजनीतिक संगठन है। और उससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात है कि सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जब दिल्ली में दंगे हुए तो इसमें भी इसी संगठन यानी पीएफआई का ही नाम सामने आया था। इतना ही नहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने पीएफआई पर भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया था।

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