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संतुलित आहार: आंखों की सेहत के लिये है जरूरी

संतुलित आहार: आंखों की सेहत के लिये है जरूरी

admin | पोस्ट किया गया 598 दिन 5 घंटे पूर्व
25/04/2018
भोपाल (महामीडिया)  जब हम खाना खाते हैं, तब हमारा शरीर पोषक तत्वों को खाने से निचोड़ कर शरीर को चलाने, विकास, मरम्मत और निर्माण के लिए ऊर्जा पैदा करता है। संतुलित आहार वो है, जो शरीर के कार्यो के लिए सभी महत्वपूर्ण और आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करे। बदलती जीवन शैली और पोषक तत्वों की कमी से शरीर ही नहीं आंखें भी प्रभावित होती हैं। आखों की रोशनी कम होने के कई कारण हो सकते हैं. आखों की रोशनी जब प्रभावित होती है तो इसे दृष्टि दोष कहते हैं. आखों की रोशनी में कमी आने का सबसे बड़ा कारण बढ़ती उम्र हो सकती है इसके अलावा लगातार कंप्यूटर पर काम करते रहने से या फिर आखों संबंधी किसी बीमारी के चलते भी दृष्टि में दोष उत्पन्न हो सकती है. हालांकि दृष्टि दोष के और भी कारण हो सकते हैं जैसे नर्वस होना, मधुमेह, अधिक धुम्रपान और शराब के सेवन से भी आखों की रोशनी प्रभावित होती है. आखों की रोशनी का इलाज के लिए आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं, लेकिन आप इसका इलाज आयुर्वेद से भी कर सकते हैं.
आहार: अपने शारीरिक सेहत के लिए खान-पान का महत्व तो है ही लेकिन डाइट में कुछ अच्छे तरीकों को जोड़ने से आपके आखों की रोशनी में काफी सुधार आ सकता है. अगर आप अपने डाइट में अंगूर और सेव का नियमित सेवन करते हैं तो यह आपके आखों के लिए काफी फायदेमंद होगा. पालक के सेवन से शरीर में हिमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने में सहायता मिलती है. यह आखों के लिए जरूरी होता है. कम्प्यूटर पर काम करते समय बीच-बीच में ब्रेक लें। ये आपकी आंखों के लिए योग का काम करता है। हमेशा संतुलित आहार लें। अपनी डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करें। अपनी आंखों पर ठण्डा पानी डालें। ताकि आपकी आंखों को आराम मिले। इसके अलावा गाजर और खीरे का सेवन भी करना चाहिए. आखों के लिए विटामिन ए काफी फायदेमंद होता है इसके लिए आप शलजम, टमाटर, संतरा और खजूर का सेवन करें. आखों की अच्छी रोशनी के लिए मानसिक तनाव कम करना जरूरी है इसके लिए आप नियमित रूप से बादाम का सेवन कर सकते हैं.
आयुर्वेदिक विधियों से दृष्टि में सुधार: शहद और एक चम्मच इलायची के मिश्रण का उपयोग करें. आयुर्वेदिक जड़ी बूटिंयां जैसे लहसुन और आंवला आखों की रोशनी के लिए फायदेमंद है. दृष्टि में सुधार के लिए पैरों के तलवों पर थोड़ा घी रगड़ना फायदेमंद है. प्राणायाम से भी आखों की रोशनी में सुधार होती है. त्रिफला फल आखों के लिए शक्तिशाली दवा है. यह मोतियाबिंद को बढ़ने से रोकता है. रात को मिट्टी के बर्तन में दो चम्मच त्रिफला चूर्ण एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह छानकर उस पानी से आंखे धोएं, आंखे स्वस्थ रहेंगी। साथ ही गाय के घी व शहद के मिश्रण (घी अधिक व शहद कम) के साथ त्रिफला चूर्ण का सेवन आंखों के लिए फायदेमंद होता है। 
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