महामीडिया न्यूज सर्विस
अनुपम सौंदर्य का सुखद अहसास कराता हिमाचल

अनुपम सौंदर्य का सुखद अहसास कराता हिमाचल

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 505 दिन 15 घंटे पूर्व
02/05/2018
भोपाल (महामीडिया) तपती गर्मी से दूर जाने के लिए लिए ज्यादातर लोग पहाड़ी इलाकों में जाना पसंद करते है. हिमालय की गोद में बसे हिमाचल प्रदेश और उसके आस-पास के क्षेत्र भारतीय संस्कृति और विरासत का अनोखा संगम देखने को मिलता है. अपनी खूबसूरती और विविधता के कारण निश्चित तौर पर हिमाचल प्रदेश यात्रा करने का सबसे अच्छा स्थान है। बर्फ से ढंके पहाड़ों, हरे भरे जंगलों, लाल सेब के बागों और ताजा शुद्ध हवा के कारण राज्य में वह सब कुछ है जिसकी वजह से दुनिया भर के लोग इसकी ओर खिंचे चले आते हैं। 
शिमला भारत के साथ-साथ पूरी दूनिया में अपने अनुपम सौंदर्य के कारण सैलानियों का पंसदीदा दर्शनीय स्थल रहा है। पहाड़ी ढलानों पर बने मकानों और खेतों, देवदार, चीड़ और माजू के जंगलों से घिरा शिमला बहुत आकर्षक दिखाई देता है। कालका से धीमी रफ्तार से चलती छोटी रेलगाड़ी से यहां आना सुखद महसूस होता है। शिमला की घाटियों में बहते झरने और मैदान शिमला की शोभा बढ़ाते हैं। हिमाचल प्रदेश की राजधानी और ब्रिटिश कालीन समय में ग्रीष्म कालीन राजधानी शिमला राज्य का सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र है। 
हिमाचल प्रदेश का सराहन शहर खूबसूरत पहाड़ियों और घाटियों से घिरा हुआ है। शिमला से 180 किमी की दूरी पर स्थित सराहन, सतलुज घाटी में स्थित एक सुंदर जगह है। समुद्र स्तर से 2165 मी. ऊंचे होने के बावजूद भी यहां गर्मियों के मौसम में ठंडक बनी रहती है। सहारन अपने प्राकृतिक नजारों के साथ-साथ सेब के बगीचे, देवदार के जंगलों, छोटी नदियों, संस्कृति और स्लेट की छत वाले घरों के लिए भी मशहूर है। यह जगह सिर्फ अपने प्राकृतिक खूबसूरती ही नहीं बल्कि, कई प्राचीन मंदिर के लिए भी जाना जाती है, जिसमे से एक भीमकाली मंदिर। पर्यटक यहां ट्रैकिंग, कैम्पिंग आदि का भी मजा ले सकते हैं।
शिमला से भी ज्यादा धर्मशाला में लोग आना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं इसका मुख्य कारण यह है कि शिमला के क्षेत्र में एक ऊपर छोटा सा कस्बा है जिसका नाम अप्पर नड्डी है मौसम हमेंशा सुहावना रहता है। 
चंबा एक लुभावना हिमालयी शहर है और हिमाचल प्रदेश के कई आकर्षणों में से एक है। यह खूबसूरत शहर डलहौजी से 50 किलोमीटर की दूरी पर है। इस शहर में ना सिर्फ सुंदर लैंडस्केप बल्कि कुछ बेहतरीन नक्काशीदार मंदिर भी हैं। 
कांगड़ा धार्मिक भाव रखने वाले लोगों के लिए यह पसंदीदा जगह है। कांगड़ा अपने प्राचीन मंदिरों के लिए मशहूर है। एडवेंचर खेलों की चाह रखने वालों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जगह स्वर्ग से कम नहीं है।
डलहौज़ी में राजशाही युग की भाव्‍यता बिखरी पड़ी है। यह लगभग 14 वर्ग किलो मीटर फैला है और यहां काठ लोग, पात्रे, तेहरा, बकरोटा और बलूम नामक 5 पहाडियां है। इसे 19वीं शताब्‍दी में ब्रिटिश गवर्नर जनरल लॉड डलहौज़ी के नाम पर बनाया गया था। इसके आस पास विविध प्रकार की वनस्‍पति-पाइन, देवदार, ओक और फूलों से भरे हुए रोडो डेंड्रॉन पाए जाते हैं डलहौज़ी में मनमोहक उप निवेश यु‍गीन वास्‍तुकला है जिसमें कुछ सुंदर गिरजाघर शामिल है। यह मैदानों के मनोरम दृश्‍यों को प्रस्‍तुत करने के साथ एक लंबी रजत रेखा के समान दिखाई देने वाले रावी नदी के साथ एक अद्भुत दृश्‍य प्रदर्शित करता है बर्फ से ढका हुआ धोलाधार पर्वत भी इस कस्‍बे से साफ दिखाई देता है। 
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