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पादसंचलन आसन

पादसंचलन आसन

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 735 दिन 17 घंटे पूर्व
15/05/2017
विधि-सर्वप्रथम हम चेतन आसन की स्थिति में पीठ के बल पर लेट जाते हैं। हथेली कमर के बराबर में ऊपर की ओर खुली हुई रखते हैं। दोनों पैरों के पंजे मिलाकर रखते हैं। फिर एक पैर के घुटने को मोड़कर सीने की ओर ले आते हैं ठीक उसी प्रकार जैसे सायकिल चलाते समय करते हैं। इसके बाद पहला पैर सीधा करके दूसरे पैर का घुटना मोड़कर सीने तक लाते हैं और पैरों को सायकिल जैसे चलाते हैं। दोनों पैरों से 3-4 बार करते हैं। इसके पश्चात् शरीर को चेतन आसन में विश्राम देते हैं।
लाभ-यह आसन पाचन-संस्थान के लिये लाभकारी है। मांसपेशियों को लाभकारी व जोड़ों को मजबूती देता है। शरीर के निचले भाग के लिये लाभकारी है। स्नायु संस्थान को सक्रिय करता है।
किसे करना है-पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति ही इस आसन को करें।
किसे नहीं करना है-ज्वर से पीड़ित, हृदय रोगी, पीठ दर्द, घुटनों से सम्बन्धित रोगी, त्रिकसूल, किडनी रोग, प्रोस्टेड बढ़े हुए, सर्जरी वाले व्यक्ति न करें तथा गर्भवती महिलायें इस आसन को न करें।
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