महामीडिया न्यूज सर्विस
विविध संस्कृतियों का समागम महर्षि राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव- ब्रहमचारी गिरीश

विविध संस्कृतियों का समागम महर्षि राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव- ब्रहमचारी गिरीश

admin | पोस्ट किया गया 326 दिन 18 घंटे पूर्व
30/10/2018
भोपाल (महामीडिया) इस कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए महर्षि विद्या मंदिर समूह के अध्यक्ष ब्रहमचारी गिरीश जी ने कहा कि आज महर्षि विद्या मंदिर, रतनपुर के इस नवीनीकृत आधुनिक सुविधायुक्त वातानुकूलित प्रेक्षाभवन ?महर्षि मंगलम? में यह 11वां राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित है यह पहला अवसर है जब देश के 16 प्रान्तों में स्थापित सभी 170 महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयों के प्राचार्यगण भी इस भव्य सांस्कृतिक महोत्सव में आमंत्रित एवं उपस्थित है। यह राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव प्रतियोगिता में प्रतिभागिता के माध्यम से एक आनन्द का उत्सव है । प्रतियोगिता में सहभागिता अपनी योग्यता में विकास एवं  लक्ष्य प्राप्ति का एक अवसर है । इसमें स्वयं से स्पर्धा करके अपना उत्तरोत्तर विकास करना ही उद्वेश्य होना चाहिए। इस सांस्कृतिक महोत्सव में उत्तर से दक्षिण तक एवं पूर्व से पश्चिम तक सम्पूर्ण भारत के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। जिससे भारत की विविध संस्कृतियों का समागम होगा यह राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव उक्त उदगार उन्होंने परम पूज्य महर्षि महेश योगी जी के आदर्शो को पुष्पित-पल्लवित करने के साथ ही उत्कृष्ट शिक्षा, भावातीत ध्यान एवं विभिन्न भारतीय संस्कृतियों के बेहतर समागम की शिक्षा प्रदान करने वाले महर्षि विद्या मंदिर, रतनपुर, भोपाल में आज त्रिदिवसीय ?महर्षि राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव-2018 के शुभारम्भ के अवसर पर व्यक्त किए। दिनांक 30, 31 अक्टूबर एवं 01 नवम्बर तक चलने वाले इस सास्कृतिक महोत्सव में भारत के विभिन्न प्रान्तों में स्थित महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयों के छात्र-छात्राएॅ इसमें सम्मिलित होकर विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियॉ दे रहे हैं। इस अवसर पर अपने स्वागत भाषण में विद्यालय के प्राचार्य बी0एस0गुलेरिया ने कहा कि 'आप हमें अबोध बालक दे हम आपको सुबोध नागरिक देंगे' के सूत्र वाक्य पर संचालित यह विद्यालय परिवार मुख्य अतिथि ब्रहमचारी गिरीश , राष्ट्रीय  निदेशक मण्डल, आमंत्रित प्राचार्यगण, निर्णायकगण, सम्माननीय अभिभावकगण, शिक्षकगण एवं सभी प्रतिभागियों का स्वागत करता है। मै उपस्थित सभी का हार्दिक वंदन एवं अभिनंदन करता हूं।
 इस अवसर पर निदेशक शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण महर्षि विद्या मंदिर समूह एम0एस0सोलंकी ने कहा कि इस भव्य कार्यक्रम के आयोजन में सतत मार्गदर्शन हेतु मै माननीय अध्यक्ष ब्रहमचारी गिरीश जी का आभारी हूं। यह राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव समस्त निदेशकगण, प्राचार्यगण शिक्षकों और हमारे प्रिय विद्यार्थियो के सम्मिलित प्रयास का साकार एवं मूर्तरूप है । यह भारत की सांस्कृतिक पहचान अनेकता में एकता का अनुपम उदाहरण है। प्रतियोगिताओं के सभी निर्णायक भी अपने अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ है। मैं सभी का हार्दिक स्वागत करता हूं। ।
उद्घाटन सत्र की पूर्णता के पश्चात् 11.00 बजे से 01.00 बजे तक वरिष्ठ वर्ग के समूह नृत्यों की प्रस्तुतियॉ हुई। मंच पर क्रमिक रूप से सभी सात क्षेत्रों के प्रतिभागी दलों के नृत्यकला को परखने हेतु निर्णायक की भूमिका श्रीमती रश्मि मिश्रा, एवं रश्मि पाण्डे द्वारा निभाई गई। इसी के साथ कनिष्ठ एवं वरिष्ठवर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता भी सम्पन्न हुई। जिसके निर्णायक श्री सुनील सिंह एवं श्रीमती सीमा सोलंकी थे । अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता वरिष्ठ छात्रवर्ग के लिए सम्पन्न हुई। सुगम संगीत की प्रतियोगिता के निर्णायक श्री ओ0पी0पौराणिक एवं सुरेश तांतेड थे। आज प्रश्नमंच का प्रथम चक्र भी सम्पन्न किया गया। 
भोजनावकाश के पश्चात विज्ञान एवं गणित की प्रदर्शनी सहप्रतियोगिता आरंभ हुई। साथ ही कनिष्ठ वर्ग का समूह नृत्य, हिन्दी एवं संस्कृत वाद-विवाद प्रतियोगिता तथा श्लोक गायन प्रतियोगिता सम्पन्न की गई। सभी दर्शकों ने करतल ध्वनि से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। 
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