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देवउठनी ग्यारस त्‍यौहार आज

देवउठनी ग्यारस त्‍यौहार आज

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 337 दिन 7 घंटे पूर्व
19/11/2018
आज सोमवार को देवोत्थान एकादशी यानी देव उठनी एकादशी है। आज के दिन भगवान विष्णु अपनी निंद्रा से जागते हैं।  इसके अलावा इस दिन शालीग्राम के साथ तुलसी विवाह भी कराया जाता है।  ऐसे में इस दिन तुलसी पूजा भी की जाती है। 
ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज के अनुसार देवउठनी एकादशी का शुभ मुहूर्त 19 नवंबर को सुबह 06 बजकर 48 मिनट से लेकर 08 बजकर 56 मिनट तक है। देवउठनी एकादाशी में पारण का बहुत महत्व है। इसीलिए इसी शुभ मुहूर्त में पारण करें। वहीं, इस दिन कुछ विशेष बातों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।  
इस दिन घर में चावल नहीं बनना चाहिए। घर का वतावरण सात्विक हो। वहीं,  घर के सभी लोग फलाहारी व्रत रखना का  प्रयास करें। वृद्ध ,बालक तथा रोगी व्रत नहीं भी रख सकते हैं। धूम्रपान या कोई भी नशा इस दिन बिल्कुल भी न करें। वहीं, इस दिन जहां तक हो सके इस दिन सत्य बोलने का प्रयास करें।
देवउठनी एकादशी के दिन सुबह उठकर सबसे पहले नहा लें। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा का संकल्प लें। घर के आंगन में भगवान के चरणों की आकृति बनाएं। ये विश्वास किया जाता है कि भगवान इसी रास्ते आएंगे। फल, फूल, मिठाई इत्यादि को एक डलिया में रखें।
इसके बाद रात में पूरे परिवार के साथ भगवान विष्णु का पूजन करें। संध्या समय में विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ कर शंख बाजाकर भगवान को आमंत्रण दे दें। इस पूरी रात्रि श्रद्धानुसार भगवान के विभिन्न नामों का जप करें। भगवान का संकीर्तन करें। 
देवउठनी एकादशी के दिन भगवान के आगमन की खुशी में उनकी पत्नी माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ऐसे में माता लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए श्री सूक्त का भी पाठ करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 
मान्यताओं के अनुसार देव उठनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा से जन्म जन्मांतर के पाप समाप्त हो जाते हैं। व्रत करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में समृद्धि आती है।

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