महामीडिया न्यूज सर्विस
मणिपुर एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की याचिका

मणिपुर एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की याचिका

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 348 दिन 20 घंटे पूर्व
01/12/2018
नई दिल्ली(महामीडिया)   सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मणिपुर और जम्मू कश्मीर में सशस्त्र कार्रवाई में शामिल सैनिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किये जाने को चुनौती देने वाली 300 से अधिक सैन्यकर्मियों की याचिका खारिज कर दी. इन राज्यों में सशस्त्र बल विशेष अधिकार  कानून लागू है.इस मामले में केंद्र की दलील थी कि इसका इन राज्यों में आतंकवाद से मुकाबला कर रहे सैनिकों पर ?हतोत्साहित करने वाला प्रभाव? होगा.शीर्ष अदालत ने केंद्र की इस संबंध में की अपील को दरकिनार कर दिया. केंद्र ने कहा कि इस विषय पर चर्चा की जानी चाहिए ताकि एक ऐसी व्यवस्था बनायी जाये जिसमे आतंकवाद का मुकाबला करते हुये हमारे सैनिक कांपे नहीं.मालूम हो कि सेना के 356 सेवारत जवानों ने ?उत्पीड़न और मुकदमा चलाने? के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद उठाया गया, जिसमें उसने सीबीआई की एसआईटी को मणिपुर में गैर-न्यायिक हत्याओं में शामिल होने के आरोपी सेना के जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था.इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई में केंद्र सरकार ने कहा कि सशस्त्र बल गड़बड़ी वाले इलाकों में एकदम अलग किस्म के माहौल में अभियान चलाते हैं और इसलिये संतुलन बनाने की आवश्यकता है, जिस पर शीर्ष अदालत ने कहा कि आंतरिक व्यवस्था बनाना न्यायालय का नहीं सरकार का काम है ताकि इस तरह से यदि किसी की जान जाती है तो उसके मामले में उसे देखना चाहिए.जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस उदय यू ललित की पीठ ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा, ?इस तरह की व्यवस्था तैयार करने से आपको किसने रोका है? आपको हमारे हस्तक्षेप की आवश्यकता क्यों है? ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर आपको ही चर्चा करनी होगी, न्यायालय को नहीं.?

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