महामीडिया न्यूज सर्विस
कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र

कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र

admin | पोस्ट किया गया 140 दिन 6 मिनट पूर्व
02/04/2019
नई दिल्ली   (महामीडिया) लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी मंगलवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी पार्टी कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इसे जारी किया. कांग्रेस घोषणा पत्र कमेटी के सदस्यों पी चिदंबरम, एके एंटनी, मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल रहे हैं. कांग्रेस के घोषणा पत्र  का नाम हम निभाएंगे रखा है.कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब हमने इस घोषणा पत्र को बनाने की सोची तो हमने इस बात का खास ध्यान दिया कि इसमें जनता की मांगों को ज्यादा मात्रा में शामिल किया जाए. ये घोषणा पत्र हम कमरों में बैठकर भी बना सकते थे. लेकिन हमने ऐसा नहीं किया इसके लिए हम जनता की बीच गई उनकी मांगों को सुना. मैं घोषणा पत्र कमेटी का धन्यवाद देता हूं. चिदंबरम जी, एंटनी जी और मनमोहन सिंह जी का बहुत बहुत धन्यवाद. सबसे पहला थीम है न्याय, हम पीएम मोदी के झूठ को पकड़ा और जनता की राय को जाना. गरीबी पर वार 72000 ये कांग्रेस का वादा भी है और नारा है. एक साल में 72 हजार और 5 साल में 3 लाख 60 हजार. इससे किसानों और गरीबों की जेब में सीधा पैसा जाएगा.

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नई दिल्ली   (महामीडिया) लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी मंगलवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी पार्टी कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इसे जारी किया. कांग्रेस घोषणा पत्र कमेटी के सदस्यों पी चिदंबरम, एके एंटनी, मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल रहे हैं. कांग्रेस के घोषणा पत्र  का नाम हम निभाएंगे रखा है.कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब हमने इस घोषणा पत्र को बनाने की सोची तो हमने इस बात का खास ध्यान दिया कि इसमें जनता की मांगों को ज्यादा मात्रा में शामिल किया जाए. ये घोषणा पत्र हम कमरों में बैठकर भी बना सकते थे. लेकिन हमने ऐसा नहीं किया इसके लिए हम जनता की बीच गई उनकी मांगों को सुना. मैं घोषणा पत्र कमेटी का धन्यवाद देता हूं. चिदंबरम जी, एंटनी जी और मनमोहन सिंह जी का बहुत बहुत धन्यवाद. सबसे पहला थीम है न्याय, हम पीएम मोदी के झूठ को पकड़ा और जनता की राय को जाना. गरीबी पर वार 72000 ये कांग्रेस का वादा भी है और नारा है. एक साल में 72 हजार और 5 साल में 3 लाख 60 हजार. इससे किसानों और गरीबों की जेब में सीधा पैसा जाएगा.

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