महामीडिया न्यूज सर्विस
आज है गुड़ी पड़वा

आज है गुड़ी पड़वा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 245 दिन 21 घंटे पूर्व
06/04/2019
भोपाल (महामीडिया) हिंदू नव वर्ष का प्रारंभ आज चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से हो रहा है। हिंदू नव वर्ष गुड़ी पड़वा, उगादि आदि नामों से भारत के अनेक क्षेत्रों में मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन नए साल के रूप में गुड़ी पड़वा मनाया जाता है। मराठी और कोंकणी हिन्‍दुओं के लिए गुड़ी पड़वा का विशेष महत्‍व है। इस दिन को वे नए साल का पहला दिन मानते हैं। गुड़ी का अर्थ होता है 'विजय पताका' और पड़वो यानी कि 'पर्व'। इस पर्व को 'संवत्‍सर पड़वो' के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन से मराठी संवत्‍सर की शुरुआत होती है। गुड़ी पड़वा के मौके पर दिन की शुरुआत पारंपरिक तेल स्‍नान से की जाती है। इसके बाद घर के मंदिर में पूजा की जाती है और फिर नीम के पत्तों का सेवन किया जाता है। नीम के पत्तों को खाना विशेष रूप से लाभकारी और पुण्‍यकारी माना जाता है। महाराष्‍ट्र में इस दिन हिन्‍दू अपने घरों पर तोरण द्वार बनाते हैं। साथ ही घर के आगे एक गुड़ी यानी कि झंडा रखा जाता है। एक बर्तन पर स्वास्तिक बनाकर उस पर रेशम का कपड़ा लपेट कर रखा जाता है। घरों को फूलों से सजाया जाता है और सुंदर रंगोली बनाई जाती है। इस दिन मराठी महिलाएं नौ गज लंबी नौवारी साड़ी पहनकर पूजा-अर्चना करती हैं। गुड़ी पड़वा पर घर-घर में श्रीखंड, पूरन पोली और खीर जैसे कई मीठे पकवान बनाए जाने की परंपरा है। 
एक प्राचीन कथा के अनुसार शालिवाहन ने मिट्टी की सेना बनाकर उनमें प्राण फूंक दिए और दुश्मनों को पराजित किया। वहीं, एक दूसरी मान्‍यता के मुताबिक गुड़ी पड़वा के दिन ही यानी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना का कार्य शुरू किया था। यही कारण है कि इसे सृष्टि का प्रथम दिन भी कहते हैं. इस दिन नवरात्र घटस्थापन, ध्वजारोहण, संवत्सर का पूजन किया जाता है।
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