महामीडिया न्यूज सर्विस
आज अष्टमी और नवमी एक साथ

आज अष्टमी और नवमी एक साथ

admin | पोस्ट किया गया 192 दिन 9 घंटे पूर्व
13/04/2019
भोपाल (महामीडिया) आज अष्टमी तिथि 13 अप्रैल दोपहर पहले 11:42 पर ही समाप्त हो जायेगी, उसके बाद नवमी तिथि लग जायेगी जो कि 14 अप्रैल सुबह 09:36 तक रहेगी। इस प्रकार नवमी तिथि दो दिनों तक रहेगी। जब नवमी दो तिथियों में हो और पहली तिथि के मध्याह्न में नवमी हो, तो नवमी का व्रत पहली तिथि को ही किया जाना चाहिए। चूंकि 14 को नवमी तिथि दोपहर होने से पहले ही सुबह 09:36 पर समाप्त हो जायेगी और 13 को नवमी तिथि दोपहर के समय रहेगी। अतः इस बार नवमी तिथि का व्रत भी अष्टमी तिथि के साथ, यानी आज ही के दिन किया जायेगा। 
कन्या पूजन का शुभ महूर्त और पूजा विधि
स्कंदपुराण में कुमारियों के भेद बताये गये हैं। 2 वर्ष की कन्या को कुमारिका कहते हैं, 3 वर्ष की कन्या को त्रिमूर्ति कहते हैं। इसी प्रकार क्रमश: कल्याणी, रोहिणी, काली, चंडिका, शांभवी, दुर्गा, सुभद्रा आदि वर्गीकरण भी किये गये हैं। मध्यकालीन निबंधों में अष्टमी के दिन कुमारी भोजन में पूड़ी के अलावा चने और मीठे हलुए का जिक्र आया है। कुमारियों को यथेष्ट भोजन कराकर दक्षिणा भी देनी चाहिए।
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भोपाल (महामीडिया) आज अष्टमी तिथि 13 अप्रैल दोपहर पहले 11:42 पर ही समाप्त हो जायेगी, उसके बाद नवमी तिथि लग जायेगी जो कि 14 अप्रैल सुबह 09:36 तक रहेगी। इस प्रकार नवमी तिथि दो दिनों तक रहेगी। जब नवमी दो तिथियों में हो और पहली तिथि के मध्याह्न में नवमी हो, तो नवमी का व्रत पहली तिथि को ही किया जाना चाहिए। चूंकि 14 को नवमी तिथि दोपहर होने से पहले ही सुबह 09:36 पर समाप्त हो जायेगी और 13 को नवमी तिथि दोपहर के समय रहेगी। अतः इस बार नवमी तिथि का व्रत भी अष्टमी तिथि के साथ, यानी आज ही के दिन किया जायेगा। 
कन्या पूजन का शुभ महूर्त और पूजा विधि
स्कंदपुराण में कुमारियों के भेद बताये गये हैं। 2 वर्ष की कन्या को कुमारिका कहते हैं, 3 वर्ष की कन्या को त्रिमूर्ति कहते हैं। इसी प्रकार क्रमश: कल्याणी, रोहिणी, काली, चंडिका, शांभवी, दुर्गा, सुभद्रा आदि वर्गीकरण भी किये गये हैं। मध्यकालीन निबंधों में अष्टमी के दिन कुमारी भोजन में पूड़ी के अलावा चने और मीठे हलुए का जिक्र आया है। कुमारियों को यथेष्ट भोजन कराकर दक्षिणा भी देनी चाहिए।
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