महामीडिया न्यूज सर्विस
मध्‍यप्रदेश सरकार को 40 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान

मध्‍यप्रदेश सरकार को 40 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 11 दिन 6 घंटे पूर्व
11/01/2019
भोपाल(महामीडिया)  विधानसभा के पटल पर गुरुवार को रखी गई भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक  की रिपोर्ट ने सरकार के वित्तीय प्रबंधन की कमियां उजागर कर दी है।कैग ने बताया है कि सरकार वाटर टैक्स, वैट, खनन की रॉयल्टी सहित कई तरह के टैक्स वसूल नहीं कर पाई। वहीं सार्वजनिक उपक्रमों में निवेश से भी सरकार लाभ नहीं कमा पाई। इससे सरकार को 40 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।कैग ने कहा कि राजस्व वसूली पर निगरानी रखने के लिए सरकार के पास कोई प्रणाली ही नहीं थी। विभागों के पास पुराने बकाया का कोई डेटा बेस नहीं था। कैग के मुताबिक राज्य सरकार 21 हजार 576 करोड़ रुपए विभिन्न् संस्थाओं से नहीं वसूल सकी है।कैग ने बताया है कि 12 संस्थानों ने राज्य सरकार को 20 हजार 596 करोड़ रुपए गारंटी शुल्क के रूप में नहीं चुकाए हैं। कैग ने राज्य सरकार से कहा है कि सरकार की गारंटी का लाभ लेने वाली ये संस्थाएं जब तक पूरा शुल्क नहीं चुकातीं, तब तक सरकार इन्हें गारंटी देना बंद कर दें। इसके साथ ही मप्र विद्युत पारेषण कंपनी और मप्र पुलिस आवास निगम को दी गई गारंटी शुल्क की जांच की जाए, इन्होंने जरूरत से ज्यादा गारंटी शुल्क चुका दिया।कैग ने कहा है कि जल संसाधन विभाग में जल कर को लेकर 1627 करोड़ रुपए की अनियमितताएं हुई हैं। विभाग यह कर वसूल नहीं सका। इसमें उद्योगों, स्थानीय निकायों और किसानों से लगभग 1489 करोड़ रुपए वसूले जाने थे।कैग ने बताया है कि राज्य सरकार ने मार्च 2017 तक 72 सार्वजनिक उपक्रमों में 81 हजार 529 करोड़ रुपए का निवेश किया था। पिछले तीन साल में 57 सार्वजनिक उपक्रमों में निवेश करने की वजह से सरकारी खजाने का 3672 करोड़ रुपए बेकार चला गया। कैग ने कहा है कि जिन निगम-मंडलों की बैलेंस शीट अपडेट नहीं है, सरकार उन्हें वित्तीय सहायता देना बंद करे। इसके साथ ही घाटे में चल रहे निगम-मंंडलों की बिना देरी किए समीक्षा करे।

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