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गर्मियों में योग के द्वारा खुद को रखें तरोताजा

गर्मियों में योग के द्वारा खुद को रखें तरोताजा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 17 दिन 8 घंटे पूर्व
09/05/2019
भोपाल (महामीडिया) गर्मियों में खुद को तरोताजा बनाए रखने के लिए योग महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करता है। गर्मियों में आपका शरीर और मस्तिष्क फिट रहे इसके लिए कुछ साधारण से अभ्यास कर सकते हैं।
शीतली प्राणयाम:  जब भी आप किसी बस का इंतजार कर रहे हों तो बस में चढ़ने से कुछ मिनट पहले आप शीतली प्राणयाम का अभ्यास कर सकते हैं। अपनी जीभ बाहर निकालें और जीभ के दोनों किनारों को ऊपर की ओर मोड़कर बीच में कर लें। मुँह से सांस लें, थोड़ी देर सांस को रोकें और नाक से सांस बाहर निकाल दें। इसे पाँच से दस बार दोहराएँ। आप देखेंगे कि आपके शरीर का तापमान कम होने लगेगा।
शीतकारी प्राणायाम:  शरीर का सत्तर प्रतिशत हिस्सा पानी है इसलिए यह सुनिश्चित करें कि इसमें पानी की मौजूदगी पर्याप्त रूप में बनी रहे। ढेर सारा पानी पीने के साथ साथ आप अपनी दिनचर्या में शीतकारी प्राणायाम भी शामिल कर सकते हैं। अपना मुँह खोलकर अपने दाँतों को भींच लें और जीभ से दाँतों पर जोर से दवाब दें। साँस भीतर की ओर लें। अपना मुँह बंद करें और नाक से सांस छोड़ दें। इसे पाँच से दस बार दोहराएँ। बहुत से लोगों को महसूस होता है कि शीतकारी प्राणायाम से उनकी प्यास बुझती है। तो यदि आपको बहुत तेज प्यास लगी हो और आपके आस पास पानी नहीं हो तो आप समझ सकते हैं कि आपको क्या करना है। और यदि आपके पास पानी या अन्य पेय पदार्थ हों तब भी आप शीतकारी प्राणायाम कर सकते हैं। इससे आपका शरीर भी शीतल होता है।
चन्द्रभेदी प्राणायाम: जब बाहर तापमान अधिक हो तो हो सकता है कि थकान महसूस करने लगें। इस समय आपको चन्द्रभेदी प्राणायाम करने की आवश्यकता होगी। श्वास की यह तकनीक आपके तंत्रिका तंत्र और नाड़ियों को शीतल करती है। अपने सीधे हाथ के अंगूठे से दायीं ओर का नथुना बंद करें ।
ली गई सांस को बाँए नथुने से पूरी तरह से बाहर निकाल दें। फिर बाँए नथुने से सांस भरें। बाँए नथुने को अनामिका उँगली से बंद करें और दाँए नथुने से सांस बाहर निकाल दें। इसे पाँच से दस बार दोहराएँ : बाँयी ओर से सांस लें और दाँयी ओर से सांस छोड़ें। प्राणायाम के बाद शवासन में लेट जाएँ। इससे आपको आराम मिलेगा और आप तरोताजा हो सकेंगे।
योगासन धीमे धीमे करें: सहजता और एकाग्रता के साथ किए जाने वाले योगासन आपके शरीर व मस्तिष्क को संतुलित करते हैं तथा पूरे वर्ष लाभदायक होते हैं। किसी भी शारीरिक गतिविधि से शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इसलिए अधिक गर्मी होने पर कठोर व श्रमसाध्य आसन करने से बचना चाहिए। गर्मियों में प्रातः काल तथा साँझ का समय योगासन करने के लिए सबसे उपयुक्त समय होता है। पित्त प्रकृति के लोगों को तेजी से किए जाने वाले योगासन नहीं करने चाहिए। यदि तापमान बहुत अधिक है तो तेजी से श्वास भरने वाले या फुर्तीले अभ्यास जैसे कि कपालभाति तथा अग्निसार को नहीं करने चाहिए।
शवासन में विश्राम करें:  दिन भर के श्रम के पश्चात क्या आप शाम को थोड़ा आराम करना चाहते हैं? तो किसी दीवार के पास शवासन में लेट जाएँ- इस प्रकार लेटें कि आपके पैर उस दीवार को स्पर्श कर रहे हों। अपने पैरों को ऊपर उठाएँ और उन्हें दीवार पर टिका दें। एक आसन में एक या दो मिनट रहने के बाद पैरों को नीचे लाएँ और शवासन में आराम करें। इस आसन से आपको ताजगी महसूस होगी? जिन लोगों को उच्च रक्तचाप या पीठदर्द की शिकायत है उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए।

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