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प्रदेश में जल्द ही सामान्य पाठ्यक्रम के साथ वोकेशनल कोर्स शुरू होंगे : पवैया

प्रदेश में जल्द ही सामान्य पाठ्यक्रम के साथ वोकेशनल कोर्स शुरू होंगे : पवैया

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 814 दिन 21 घंटे पूर्व
01/06/2017
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि प्रदेश में जल्द ही सामान्य पाठ्यक्रम के साथ वोकेशनल कोर्स शुरू होंगे। इसके लिये अपरान्ह 4 बजे के बाद अलग से क्लासेस लगाई जायेगी। इस प्रोजेक्ट को प्रदेश सरकार जल्द ही लागू करेगी। श्री पवैया वैश्विक कौशल एवं रोजगार भागीदारी समिट-2017 के 'इंप्लायमेंट ओरिएंटेड हायर एजुकेशन इन मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे।
श्री पवैया ने कहा कि रोजगारोन्मुखी शिक्षा की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश में पहला है। उन्होंने कहा कि उद्योग और शिक्षा को एक साथ जोड़कर विमर्श करने का भी यह पहला मौका है। श्री पवैया ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इसी सत्र से परम्परागत पाठ्यक्रम के साथ ही बी.वोक शिक्षा चरणबद्ध तरीके से महाविद्यालयों में शुरू की जा सके। इसके लिये संभागीय स्तर से शुरूआत की जायेगी।
श्री पवैया ने कहा कि निजी क्षेत्र के महाविद्यालय और विश्वविद्यालय को सोचना होगा कि उनके नवाचार से विद्यार्थियों को किस प्रकार कौशल युक्त शिक्षा मिल सकती है। उनको प्राथमिकता और बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि माँ, मातृ भूमि और मातृ भाषा का कोई विकल्प नहीं हो सकता। इसके लिये मानव संसाधन मंत्रालय से बात कर बच्चों को प्राथमिक शिक्षा मातृ भाषा में देने का प्रयास किया जायेगा।
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री आशीष उपाध्याय ने बताया कि पहली बार 22 नये कोर्स इस वर्ष शामिल किये जा रहे हैं जिसमें रोजगार और पढ़ाई एक साथ होगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 250 महाविद्यालय का नेक में एक्रेडेशन करवाया जायेगा।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्रीमती गौरी सिंह ने बताया कि जेनेरिक केयर में युवा ट्रेंड होकर स्पेशलाइज्ड सेवा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि वेलनेस को भी फोकस किया जा सकता है। इसमें नॉन एमबीबीएस. होकर भी आयुर्वेद और आयुष के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रो. नरेशचन्द गौतम ने बताया कि उनके विश्वविद्यालय द्वारा 12 हजार 366 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है। नेशनल लॉ इन्स्टीट्यूट के संचालक प्रो. एस.एस. सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में भी कौशल की जरूरत पड़ती है।
यूजीसी के नोडल अधिकारी प्रो. पी.एन. मिश्रा ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट का काम मातृ भाषा में होना चाहिये। उन्होंने बताया कि न्यूट्रीशियन और डाइटीशियन का कोर्स जल्द ही शुरू किया जायेगा। प्राइवेट सेक्टर से श्री टी.आर. कुलकर्णी और सुश्री उमा गणेश ने भी संबोधित किया। संचालन आयुक्त उच्च शिक्षा श्री नीरज मंडलोई ने किया।
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