महामीडिया न्यूज सर्विस
पश्चिम बंगाल में TMC की हिंसात्मक घटनाएं जारी

पश्चिम बंगाल में TMC की हिंसात्मक घटनाएं जारी

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 98 दिन 2 घंटे पूर्व
17/05/2019
कोलकाता (महामीडिया) पश्चिम बंगाल में लगातार हिंसा जारी है। नगरबाजार इलाके में गुरुवार रात दमदम से भाजपा प्रत्याशी समिक भट्टाचार्य और पार्टी नेता मुकुल रॉय की गाड़ी पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। हालांकि, जिस वक्त घटना हुई, तब समिक और मुकुल गाड़ी में मौजूद नहीं थे। इससे पहले गुरुवार रात 10 बजे यहां 19 मई को होने वाले सातवें चरण के चुनाव के लिए प्रचार बंद हो चुका है।
पिछले हफ्ते भी पूर्व मिदनापुर में पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रमुख दिलीप घोष और असम के मंत्री हेमंत बिस्व सरमा की गाड़ी पर कथित रूप से तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया था। बंगाल में अब तक हुए 6 चरणों के चुनाव में हिंसा हुई है।
अपने तीखे तेवरों के चलते चर्चित पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों और भी ज्यादा गुस्से में नजर आ रही हैं। जबसे, चुनाव शुरू हुए हैं, उनके निशाने पर बीजेपी और उसके नेता नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं। चुनावी मौसम में सियासी बयानबाजियों का मतलब तो समझा जा सकता है। लेकिन, ममता के तेवर थोड़े ज्यादा असामान्य नजर आ रहे हैं। वह कभी ईश्वर चंद्र विद्यासागर  के नाम पर मोदी और शाह पर अपनी नाराजगी दिखाती हैं, तो कभी चुनाव आयोग को कोसना शुरू कर देती हैं। यह बात भी सच है कि उनके गुस्से के पीछे राज्य में बीजेपी (BJP) की बढ़त है, लेकिन कारण वो नहीं है, जो वो टीवी चैनलों पर आकर या चुनावी रैलियों में वो बताती हैं। वह इसलिए परेशान हैं कि क्योंकि उनकी पार्टी से उन्हें जो इंटरनल फीडबैक मिल रहे हैं, उससे उन्हें 8 साल में बंगाल में बनाई अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती हुई नजर आ रही है।
एक खबर के मुताबिक टीएमसी (TMC) के इंटरनल फीडबैक में इसबार पश्चिम बंगाल में लेफ्ट का वोट काफी मात्रा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर खिसकने की बात कही गई है। ऐसे में टीएमसी (TMC) सुप्रीमो परेशान क्यों नहीं होंगी, क्योंकि 2014 के लोकसभा चुनाव में लेफ्ट (Left) का वोट शेयर 30% था। जबकि, तब बीजेपी सिर्फ 16% पॉपुलर वोट ही जुटा पाई थी। अगर लेफ्ट के वोट का कुछ हिस्सा मौजूदा लोकसभा चुनाव में उनके मुख्य चैलेंजर बीजेपी की ओर गया, तो दीदी का डब्बा गोल होने का खतरा है। तृणमूल (TMC) के एक नेता ने नाम नहीं बताने के शर्त पर कहा है कि," हमारी संभावनाएं अब लेफ्ट के वोट के शिफ्ट होने पर लटकी हुई है। उम्मीद है कि हमें 30 से ज्यादा सीटें मिलेंगी, लेकिन अगर लेफ्ट का वोट शेयर 10% से ज्यादा गिरा, तो हम 25 तक भी गिर सकते हैं।"
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