महामीडिया न्यूज सर्विस
चक्रवात से मौसम में बदलाव, कई राज्यों में बारिश की आशंका

चक्रवात से मौसम में बदलाव, कई राज्यों में बारिश की आशंका

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 100 दिन 18 घंटे पूर्व
17/05/2019
दिल्ली (महामीडिया) मौसम विभाग के मुताबिक अगले 1-2 घंटों के दौरान शिमला, कुल्लू, सोलन, मंडी, कांगड़ा जिलों में हल्की बारिश, गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गरज के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने 22 मई तक राज्य में भारी बारिश का क्रम जारी रहने की संभावना जताई है। इसके बाद राज्य में मौसम पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।
भारत के मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि उत्तर भारत में अलग-अलग स्थानों पर शुक्रवार को आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होगी। जम्मू और कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, और पश्चिम उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के अन्य स्थानों पर इसी तरह की मौसम की स्थिति रहेगी। कर्नाटक, केरल, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम जैसे राज्यों में भी यह हाल होगा।
असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों सहित भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में आंधी के साथ भारी बारिश होने की उम्मीद है। हालांकि, अगले चार-पांच दिनों के दौरान विदर्भ में और अगले दो दिनों के दौरान तेलंगाना में लू चलने की संभावना है। इसके अलावा, 21 मई तक छत्तीसगढ़ में गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।
आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाएगा।
शनिवार और रविवार के दौरान अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह के दक्षिणी भाग और बंगाल की दक्षिण-पूर्व खाड़ी से सटे दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू और कश्मीर पर एक चक्रवाती साइक्लोन के रूप में पश्चिमी विक्षोभ 5.8 किमी से ऊपर तक फैला हुआ है।
यह पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी वर्षा का कारण बन सकता है और अगले दो-तीन दिनों के दौरान आस-पास के मैदानी इलाकों में वर्षा या गरज हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण पश्चिम राजस्थान और पड़ोस पर चक्रवाती प्रवाह बना हुआ है और अब समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर देखा गया है।
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