महामीडिया न्यूज सर्विस
देशभर में एक्सीडेंट के मामले बढ़े

देशभर में एक्सीडेंट के मामले बढ़े

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 80 दिन 5 घंटे पूर्व
30/05/2019
नई दिल्‍ली (महामीडिया) भारत में प्रत्‍येक चार मिनट में एक आदमी की मौत होती है और इसकी वजह है रोड एक्‍सीडेंट। यहां हर साल 5 लाख रोड एक्‍सीडेंट होते हैं, जिनमें से 150,000 लोगों की मौत अत्‍याधिक स्‍पीड, शराब पीकर गाड़ी चलाना और अन्‍य इसी प्रकार की वजह से होने वाले रोड एक्‍सीडेंट के कारण होती है। पिछले एक दशक के दौरान दस लाख से अधिक भारतीय देश की सड़कों पर अपना दम तोड़ चुके हैं, जो कि पूरी दुनिया में सबसे खतरनाक मानी जाती हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक रोड एक्‍सीडेंट से हर साल भारत की इकोनॉमी को जीडीपी में 3 फीसदी (55,000 करोड़ रुपए या 8.2 अरब डॉलर) का नुकसान होता है।
मई 2014 को सत्‍ता में आने के तुरंत बाद ही नरेंद्र मोदी सरकार ने घोषणा की थी कि उसका उद्देश्‍य देश में कुल रोड एक्‍सीडेंट की संख्‍या को घटाकर आधा करने का है। मोदी सरकार के सहयोगी और वरिष्‍ठ नेता गोपीनाथ मुंडे की जून 2014 में दिल्‍ली में एक रोड एक्‍सीडेंट में मौत होने के बाद रोड सेक्‍टर में सुरक्षा नियमों को कड़ा बनाने की योजना को जोर दिया गया। सरकार ने मौजूदा मोटर व्‍हीकल एक्‍ट को बदलने के लिए रोड सेफ्टी एंड ट्रांसपोर्टेशन बिल, 2014 पेश किया, जिसमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। सड़क हादसे में मौत होने की स्थिति में उल्लंघनकर्ता पर तीन लाख रुपए का जुर्माना तथा कम से कम सात साल की सजा का प्रस्ताव है। मैन्‍युफैक्‍चरिंग डिजाइन में खामी पर भी सजा का प्रावधान है।
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