महामीडिया न्यूज सर्विस
महाराष्ट्र के कई गांव भयंकर सूखे की चपेट में

महाराष्ट्र के कई गांव भयंकर सूखे की चपेट में

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 15 दिन 17 घंटे पूर्व
02/06/2019
मुंबई (महामीडिया) महाराष्ट्र में चिलचिलाती गर्मी और सूखे ने लोगों का जीवन मुहाल कर दिया है। अहमदनगर के कई गांव भयंकर सूखे की चपेट में है। साल 1972 के बाद महाराष्ट्र के 21 हजार गांव सूखे से जूझ रहे हैं। लोगों के पास खाने को अनाज तो है लेकिन पानी नहीं। कमजोर मानसून के बाद सरकार ने साल की शुरुआत में ही 358 में से 151 तहसील को सूखा ग्रस्त घोषित किया है। पूरे राज्य के बांधों में कुल 16 फीसदी पानी बचा है, और मराठवाड़ा में सिर्फ तीन फीसदी पानी में ही लोग गुजर बसर कर रहे हैं। जलगांव में अनार उगाने वाला किसान भगवान कृष्ण बीते 4 महीने से टैंकर से पानी खरीद कर अपने बागान को सींच रहे हैं । 20,000 रुपये प्रति टैंकर खरीदते-खरीदते आज अपने बगीचे पर वो डेढ़ लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। मोहटा गांव का कुआं कुआं प्राकृतिक जलस्रोत था लेकिन कमज़ोर बारिश ने इसे सूखा कुआं बना दिया है। अब यहां दिन में दो बार 10 हजार या 25 हजार लीटर वाले पानी के टैंकर से भरा जाता है। जीवन जीने की मूल आवश्यकता पानी है इसलिए घर के बड़े बूढ़े सब अपनी बाल्टियों को भरकर 1-1 किलोमीटर तक का सफ़र पैदल तय करते हैं। यह पानी भी पीने योग्य नहीं है लेकिन मजबूरी है यही पानी छान कर पीना है। राज्य के 26 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं, इनमें औरंगाबाद, परभणी, अहमदनगर, धुले, जलगांव, नाशिक, नंदूरबार, अकोला, अमरावती, बुलढाणा, बीड, हिंगोली, जालना, नांदेड़, लातूर, उस्मानाबाद, यवतमाल, वाशिम, वर्धा, चंद्रपुर, नागपुर, पुणे, सांगली, सातारा, सोलापुर और पालघर शामिल हैं। जालना में 22 दिनों के बाद पानी की सप्लाई हो रही है। मनमाड़ में 20 दिन, परभणी में 14 दिन, लातूर,बीड और हिंगोली में 10 दिन, औरंगाबाद में 3 दिनों के अंतर पर पानी की सप्लाई हो रही है। 
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