महामीडिया न्यूज सर्विस
केजरीवाल सरकार का 'महिला वोट बैंक'

केजरीवाल सरकार का 'महिला वोट बैंक'

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 76 दिन 4 घंटे पूर्व
03/06/2019
नई दिल्ली (महामीडिया)दिल्ली में लोकसभा की सभी सात सीटों पर करारी हार के बाद अब अरविंद केजरीवाल सरकार ने पूरा ध्यान विधानसभा चुनाव पर फोकस कर लिया है. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में कहीं लोकसभा जैसा हश्र न हो, इसके लिए पार्टी अपने आधार को बढ़ाने में जुटी है. इसी कड़ी में एक नया 'महिला वोट बैंक' तैयार करने का मकसद है. दिल्ली मेट्रो और डीटीसी बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर की सौगात को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है.चुनाव आयोग के आंकड़े बताते हैं कि कुल 1.43 करोड़ मतदाताओं में 64 लाख से ज्यादा महिलाएं हैं. जाहिर सी बात है कि महिलाओं की आबादी अच्छी-खासी है. ऐसे में महिलाओं को खुश कर विधानसभा चुनाव में सफलता हासिल की जा सकती है. माना जा रहा है कि इसी 64 लाख महिला वोटर्स को टारगेट कर ही अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार ने महिलाओं को मुफ्त सफर की सौगात देने की घोषणा की है. सोमवार को दोपहर इस स्कीम की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दो से तीन महीने के भीतर सुविधा शुरू हो जाएगी. विभागों से प्रजेंटेशन मांगा गया है. हालांकि उन्होंने कहा कि सब्सिडी थोपी नहीं जाएगी. जो महिलाएं सक्षम हैं, वे टिकट लेकर यात्रा कर सकतीं हैं. लाखों महिलाओं से जुड़ी इस स्कीम को आम आदमी पार्टी सरकार का मास्टरस्ट्रोक बताया जा रहादिल्ली मेट्रो की बात करें तो विभिन्न रूट पर हर दिन औसतन 26 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं. इसमें करीब 30 से 33 फीसद महिलाएं होतीं हैं. इस प्रकार देखें तो केजरीवाल सरकार के फ्री राइड फैसले से दिल्ली में हर दिन आठ लाख से अधिक महिलाएं मुफ्त सफर की सुविधा का लाभ उठा सकेंगी. ऐसा भी नहीं है कि दिल्ली में सिर्फ आम जन ही मेट्रो से सफर करते हैं. सुविधासंपन्न परिवार भी मेट्रो से सफर पसंद करते हैं. वजह है कि जाम के झाम से जूझती दिल्ली में मेट्रो ही एक सहारा है, जो समय से गंतव्य तक पहुंचाती है. मेट्रो से सफर में धन की भी बचत होती है.


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