महामीडिया न्यूज सर्विस
प्रदेश में आपराधिक वारदातें तेजी से बढ़ी

प्रदेश में आपराधिक वारदातें तेजी से बढ़ी

admin | पोस्ट किया गया 79 दिन 23 घंटे पूर्व
04/06/2019
भोपाल (महामीडिया) प्रदेश में आपराधिक वारदातें तेजी से बढ़ी हैं, यह बात नेशनल क्राइम रिकॉर्ड  ब्यूरों व अदालतों के आंकड़े कह रहे हैं। वहीं सरकार का दावा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 5ण्5 फीसदी की कमी आई है।
प्रदेश में इस वर्ष कुल 2 लाख मुकदमें दर्ज हुए हैं। इनमें से एक लाख से अधिक आपराधिक मामले सिर्फ भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, इंदौर, रीवा, सागर जैसे नगरीय क्षेत्र की अदालतों मे दायर हुए हैं। सबसे अधिक अपराध इंदौर में दर्ज हुआ है। वहां 35000 से अधिक आपराधिक मामलों के साथ कुल 45000 मुकदमेें दर्ज हुए हैं। भोपाल व जबलपुर लगभग बराबरी पर हैं, यहां 2018 में 20-20 हजार मामले दायर हुए हैं। इनमें आपराधिक मामलों की संख्या भोपाल में 18 व जबलपूर में 17 हजार है, ये दोनों शहर दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। 12 हजार आपराधिक मामलों के साथ ग्वालियर चौथे स्थान पर है।
वहीं प्रदेश सरकार का दावा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी हुई है। चार महीने में महिलाओं से जुड़े चार प्रकरणों में आरोपियों को मृत्यूदंड की सजा सुनाई गई है। गत दिवस गृहमंत्री बाला बच्चन की पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह बात सामने आई कि प्रदेश में बीते वर्ष महिलाओं कि विरुद्ध हुए आपराधिक प्रकरणों में 5.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दुष्कर्म के प्रकरणों में साल 2017 के मुकाबले 2018 में 3 प्रतिशत की गिरावट आई है।
सर्वाधिक चोरी भोपाल में
बीते एक साल में सबसे अधिक 776 चोरियां राजधानी भोपाल में दर्ज हुईं। प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में यह आंकड़ 671 रहा। हत्या कें मामले इंदौर में 21, ग्वालियर में 16, सागर में 14 और राजधानी भोपाल में 15 केस दर्ज हुए।
साइबर क्राइम
बीते विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया के एक सवाल के जवाब में गृहमंत्री बाला बच्चन ने बताया था कि 2019 में अबतक 38 साइबर अपराध दर्ज हुए हैं। साल 2017 में यह संख्या 132 थी जिसमें से 116 निराकृत किए गए। 2018 में दर्ज 315 अपराधों में 189 निराकृत किए गए।
अपराध दर
अपराध दर के मामलें में मध्य प्रदेश केरल के बाद दूसरे स्थान पर है।
1- केरल
2- मध्यप्रदेश
3- तमिलनाडु
4- असम
5- हरियाणा
6- राजस्थान
7- आंधप्रदेश
8- कर्नाटक
9- छत्तीसगढ़
10- गुजरात
मध्यप्रदेश के कुछ प्रमुख ष्शहरों के आपराधिक मामले
इंदौर- 35000
भोपाल- 18000
जबलपुर- 17000
ग्वालियर- 12000
उज्जैन- 6000
सागर- 6500
रीवा- 7000
-----
बढ़ते अपराधों की प्रमुख वजह पुलिस प्रशासन की असफलता के साथ शिक्षा व जागरुकता का अभाव भी है। विवाद अपराध तक पहुंचने से पहले ही रोके जा सकते हैं परंतु इसके लिए पर्याप्त जतन नहीं किया जाता है। संजय वर्मा, अधिवक्ता मप्र हाईकोर्ट
बढ़ते अपराध के कारण -
देश की कानून व्यवस्था
अल्प जनचेतना
राजनीति का अपराधीकरण
भ्रष्टाचार
संतोष की कमी
त्वरित प्रतिक्रिया की प्रवृत्ति
सिनेमा, सीरीज, सीरियल आदि जनमाध्यम
बढ़ती जनसंख्या
रोकथाम के उपाय-
कानून का डर नहीं
माकूल सामाजिक परिवेश 
उचित लालन पालन
नौतिक शिक्षा पर जोर

-रजत गुप्ता
और ख़बरें >

समाचार