महामीडिया न्यूज सर्विस
मध्यप्रदेश में पर्यावरण के रखवाले

मध्यप्रदेश में पर्यावरण के रखवाले

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 14 दिन 9 घंटे पूर्व
05/06/2019
हरदा    [महामीडिया]  हरदा शहर के 79 साल के गौरीशंकर मुकाती ने अपने जीवन के 30 वर्ष पर्यावरण की सेवा व सुरक्षा में लगा दिए। इस अवधि में उन्होंने खंडवा जिले की नया हरसूद तहसील के बोरीसराय और शाहपुरा गांव से निकलने वाली रूपारेल नदी के किनारे दोनों ओर सात किमी क्षेत्र में 400 एकड़ का जंगल तैयार किया है।रूपारेल नदी करीब 30 वर्ष पहले 1991 में पूरी तरह सूख चुकी थी। ग्रामीण खेती के लिए नदी पर ही निर्भर थे। जंगल कम था, तो बारिश भी सामान्य ही होती थी। भू-जलस्तर काफी नीचे चला गया था। नदी के सूखने से फसलें चौपट होने लगीं। उस दौर में गौरीशंकर मुकाती ने भी रूपारेल नदी के किनारे जमीन खरीदी थी।उस समय गांव के लोगों ने उन्हें पागल समझकर उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने अकेले ही नदी के किनारे पौधे लगाना शुरू किया। दो-तीन वर्षों में अच्छी हरियाली बढ़ गई और परिणाम लोगों को दिखने लगे, तो लोग इससे जुड़ गए। अब तक इस अभियान से धारूखेड़ी, छिपीपुरा, काशीपुरा, बोरीसराय, रामजीपुरा, सोनखेड़ी और शाहपुरा गांवों के 78 किसान जुड़ चुके हैं, जिन्होंने सागौन, बांस, महुआ, अर्जुन, पलास, बेरी, कटबोर, सेमल आदि के हजारों पौधे रोपकर और नियमित देखभाल कर यह जंगल खड़ा करने में सहयोग किया।इस जंगल पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट  के वैज्ञानिक और मुंबई की प्रबोधनी संस्था के सदस्य रिसर्च कर रहे हैं। इस जंगल पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बन चुकी है, जिसे फेस्टिवल में दिखाया जाएगा।      
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