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बिहार में इंट्रोफ्लाइटिस (चमकी) बुखार का खौफ

बिहार में इंट्रोफ्लाइटिस (चमकी) बुखार का खौफ

admin | पोस्ट किया गया 102 दिन 11 घंटे पूर्व
12/06/2019
पटना  (महामीडिया) बिहार में दिमागी बुखार यानी चमकी बुखार कहर बरपा रहा है। अकेले मुजफ्फरपुर जिले में ही चमकी बुखार ने 25 लोगों की जान ले ली है। बिहार में चमकी बुखार की वजह से एक हफ्ते में ही 56 लोग काल के गाल में समा चुके हैं। बुखार से पीड़ित 100 बच्चे जिले के एसकेएमसीएच अस्पताल में भर्ती हैं। हालात इतने खराब हैं कि अस्पताल के दोनों पीआईसीयू यूनिट भरे हुए हैं। बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिसके चलते अस्पताल तीसरी यूनिट खोलने की तैयारी में है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी का प्रकोप उत्तरी बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और वैशाली में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया है।
चमकी बुखार के लक्षण-
एक्टूड इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम और जेई जापानी इंसेफलाइटिस को उत्तरी बिहार में चमकी बुखार के नाम से जाना जाता है। इससे पीड़ित बच्चों को तेज बुखार आता है और शरीर में ऐंठन होती है। इसके बाद बच्चे बेहोश हो जाते हैं। मरीज को उलटी आने और चिड़चिड़ेपन की शिकायत भी रहती है।
बीमारी अगर बढ़ जाए तो ये लक्षण नजर आते हैं-
बिना किसी बात के भ्रम उत्पन्न होना।
दिमाग संतुलित न रहना।
पैरालाइज हो जाना।
मांसपेशियों में कमजोरी
बोलने और सुनने में समस्या
बेहोशी आना।
इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक साल 2012 में इस बुखार से 120 बच्चों की मौत हुई थी।
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