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शेल कंपनियों पर और अधिक शिकंजा कसा जायेगा

शेल कंपनियों पर और अधिक शिकंजा कसा जायेगा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 177 दिन 3 मिनट पूर्व
20/06/2019
नईदिल्ली [ महामीडिया ] कंपनी मामलों का मंत्रालय कंपनियों को सीमित दायित्व साझेदारी  में बदलने के नियमों को सख्त करने जा रहा है जिससे मुखौटा कंपनियों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। इसके लिए मंत्रालय एलएलपी कानून में संशोधन की योजना बना रहा है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय एक समिति गठित करने पर विचार कर रहा है जो इस कानून में जरूरी बदलाव के सुझाव देगी। मंत्रालय को आशंका है कि कंपनियों को एलएलपी में बदलने की प्रक्रिया हाल के वर्षों में तेज हुई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मुखौटा कंपनियों की तुलना में एलएलपी में सख्त नियम नहीं हैं।  वर्ष 2016 में नोटबंदी की घोषणा के बाद से कंपनियों के एलएलपी में बदलने की रफ्तार दोगुनी होकर 6,000 पहुंच चुकी है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनियां कानून का फायदा उठाकर एलएलपी में बदल रही हैं। उन्हें ऐसा करने से रोकने के लिए एलएलपी कानून में संशोधन किया जाएगा। उन्होंने कहा, जिस गति से कंपनियां एलएलपी में बदल रही हैं, वह असामान्य है। मुखौटा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद एलएलपी में बदलने वाली कंपनियों की संख्या दोगुनी हो गई है। मंत्रालय साथ ही इस कानून को दुरुस्त करने की कोशिश कर रहा है ताकि केवल छोटी कंपनियां ही एलएलपी में बदली जाएं। एलएलपी कानून इसी उद्देश्य के लिए बनाया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों की तुलना में एलएलपी से जुड़े नियम ज्यादा सख्त नहीं हैं। एलएलपी को अपने निदेशकों के बारे में सरकार को जानकारी नहीं देनी होती है और सालाना रिटर्न भी दाखिल करना भी जरूरी नहीं होता है। 

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