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महर्षि संस्थान में विद्वानों ने बताया यज्ञ का वैज्ञानिक महत्व

महर्षि संस्थान में विद्वानों ने बताया यज्ञ का वैज्ञानिक महत्व

admin | पोस्ट किया गया 109 दिन 11 घंटे 55 सेकंड पूर्व
30/06/2019
भोपाल (महामीडिया) महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी के साधनालय में आज 'वैदिक यज्ञ विज्ञान' विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम अतिथियों ने गुरुपूजन एवं सरस्वती जी का पूजन किया। दीप प्रज्जवलन के साथ उद्घाटन सत्र प्रारम्भ हुआ। महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलसचिव  अरविन्द सिंह राजपूत ने स्वागत भाषण देते हुए यज्ञ एवम् अनुष्ठान के क्षेत्र में महर्षि जी के वैश्विक योगदान को निरूपित किया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के आचार्य एवं अध्यक्ष प्रो. कमलनयन शुक्ल ने यज्ञ की वैज्ञानिकता को प्रतिपादित करते हुए कहा कि हम जो भी यज्ञ कार्य करते हैं, उसके पीछे विज्ञान सन्निहित है। राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान जयपुर के निदेशक डाॅ. नारायण होसमने ने यज्ञ के विविध वैज्ञानिक पक्षों की विस्तृत विवेचना की। डाॅ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के आचार्य एवं अध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश मिश्र ने विस्तार से यज्ञों की वैज्ञानिकता को प्रतिपादित किया।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के वेद एवं यज्ञानुष्ठान विभाग के आचार्य एवं अध्यक्ष डाॅ. उमाशंकर तिवारी ने यज्ञों के वैज्ञानिक स्वरूप का प्रतिपादन करते हुए कहा कि पर्यावरण सन्तुलन के लिए, स्वस्थ्य जीवन के लिए यज्ञ करना कल्याणकर है। भारतीय भाषा विभाग के सह प्राध्यापक डाॅ. नन्दकिशोर नामदेव ने बाल्मीकि रामायण में प्रतिपादित अतिथि यज्ञ, पितृ यज्ञ, पुत्रकामेष्टि यज्ञ आदि विभिन्न यज्ञों की लोकहित के लिए महत्ता प्रतिपादित की। महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन के डाॅ. मिथिलेश पाण्डेय, ज्योतिष विभागाध्यक्ष डाॅ. मानवेन्द्र पाण्डेय, डाॅ. मुकेश ओझा, डाॅ ओमनारायण तिवारी, दीपक शर्मा, अनन्त कुमार मिश्र, सीमा चिनप्पा, सुनील तिवारी, के.के त्रिपाठी, सहित 32 विद्वानों ने शोध-पत्र प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर विद्यापीठ प्रभारी अरविन्द सिंह, मुकेश सक्सेना, राजकुमार श्रीवास्तव, राजेश शर्मा, डाॅ. मनीष खरे, डाॅ. श्रीपाल चौहान, डाॅ. शशि कुमार ओझा, सीमान्त शर्मा, श्रवण कुमार शास्त्री, जितेन्द्र दुबे, रामबहोर गर्ग, रामजी पाण्डेय, हरिनारायण शर्मा, अक्षय औदीच्य, हर्षवर्धन त्रिपाठी, ज्योति जाटव, श्रीमती राजश्री साहू, शीतल सेन, राजेश तिवारी, डाॅ. मुरलीशाम एच, श्रीमती सोनल पटेल, श्रीमती सुदेशबाला जैन, डाॅ. श्यामबाबू खरे, सतीश तिवारी, मुकेश तिवारी, धु्रव कुमार पाठक, उमाकांत त्रिपाठी, वैभव असाटी, किशोर काछी, रमेशचन्द्र मिश्र, इत्यादि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
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