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चार लाख वर्ग फुट में फैला है जगन्नाथ मंदिर, शिल्पकला का है नायाब नमूना

चार लाख वर्ग फुट में फैला है जगन्नाथ मंदिर, शिल्पकला का है नायाब नमूना

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 110 दिन 8 घंटे पूर्व
04/07/2019
मुंबई [महामीडिया ]जगन्नाथ मंदिर सनातन संस्कृति के प्रमुख देव जगन्नाथ को समर्पित है। इसको हिन्दुओं के चार धामों में से एक माना जाता है । यह वैष्णव सम्प्रदाय का मंदिर है, जो भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को समर्पित है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ होता है जगत के स्वामी । इस कारण इस नगर को जगन्नाथपुरी या पुरी कहा जाता है। जगन्नाथपुरी हिन्दुओं के चार धाम में से एक है। इसकी गिनती वैष्णव सम्प्रदाय के प्रमुख मंदिरों में की जाती है। जगन्नाथ मंदिर वैष्णव परंपराओं और संत रामानंद से जुड़ा हुआ है। यह गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के लिये खास महत्व रखता है इसलिए इस पंथ के संस्थापक श्री चैतन्य महाप्रभु का भगवान जगन्नाथ से खास अनुराग रहा और कई वर्षों तक वे पुरी में रहे भी थे।पुरी से मिले गंग वंश के ताम्र पत्रों से यह पता चला है कि वर्तमान मंदिर का निर्माण कलिंग राजा अनंतवर्मन चोडगंग देव ने प्रारम्भ करवाया था। मंदिर के जगमोहन और विमान भाग अनंतवर्मन चोडगंग देव के शासन काल (१०७८ - ११४८) में बने थे। उसके बाद ओडिशा का महाराजा अनंग भीम देव ने इस मंदिर को वर्तमान स्वरूप प्रदान किया।मंदिर 400,000 वर्ग फुट यानी 37,000 वर्गमीटर में फैला हुआ है और चारों और से परकोटे से घिरा हुआ है। कलिंग शैली की मंदिर स्थापत्यकला और शिल्पकला की अदभुत कारिगरी से परिपूर्ण, यह मंदिर, भारत के भव्यतम स्मारक स्थलों में से एक माना जाता है। मुख्य मंदिर वक्ररेखीय आकार लिए हुए है, इसके शिखर पर श्री विष्णु का श्री सुदर्शन चक्र जो आठ आरों वाला है मंडित है। इसको नीलचक्र भी कहते हैं। यह अष्टधातु से निर्मित है और अति पावन और पवित्र माना जाता है। और मंदिर का लाल ध्वज भगवान का प्रतीक है।मंदिर का मुख्य ढांचा 214 फीट यानी 65 मीटर ऊंचे पाषाण चबूतरे पर बना है। इसके भीतर आंतरिक गर्भगृह में मुख्य देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। मुख्य भवन 20 फीट यानी 6.1 मीटर ऊंची दीवार से घिरा हुआ है तथा दूसरी दीवार मुख्य मंदिर को घेरती है। एक भव्य सोलह किनारों वाला एकाश्म स्तंभ, मुख्य द्वार के ठीक सामने स्थित है। इसका द्वार पर दो सिंह बने हुए हैं जो मंदिर की रक्षा करने का आभास देते हैं। पुरी का मुख्य मंदिर लगभग 30 छोटे और बड़े मंदिरों से घिरा हुआ है, जगन्नाथ मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण, ब्रह्म पुराण और नारद पुराण, कि रामायण और महाभारत में मिलता है। जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और उनकी बहन देवी सुभद्रा की मूर्ति प्रतिष्ठित की गई है।


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