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इंदौर में चांद-सितारों के बीच बैकुंठधाम में विराजे लक्ष्मी नारायण

इंदौर में चांद-सितारों के बीच बैकुंठधाम में विराजे लक्ष्मी नारायण

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 45 दिन 11 घंटे पूर्व
04/07/2019
इंदौर [महामीडिया ] फूलों की दीवार, फूलों के झरोखे, फूलों की छत और फूलों का फर्श। मोगरा, गुलाब, गेंदा, चमेली, जूही, रजनीगंधा सहित 11 किस्मों के तीन हजार किलो फूलों से बने बैकुंठधाम में प्रभु वेंकटेश ने लक्ष्मीनारायण स्वरूप में हजारों भक्तों को बुधवार को दर्शन दिए। मौका था लक्ष्मी-वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में आयोजित ब्रह्मोत्सव के छठे दिन सजे फूल बंगला दर्शन के। इसमें प्रभु वेंकटेश बालाजी, लक्ष्मीजी और रामानुज स्वामी के साथ देवताओं के दर्शन फूलों के झरोखों से हो रहे थे।फूल बंगला दर्शन के लिए बुधवार शाम 5 बजे से ही मंदिर में भक्तों की कतारें लगने लगी थीं। जैसे ही आरती के बाद भगवान के दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ गोविंदा-गोविंदा के जयघोष गूंजने लगे। पिछले 6 माह के विचार-विमर्श के बाद 20 दिनों की तैयारी और 7 दिनों की मेहनत देखते ही बन रही थी। फूल बंगले के एक तरफ कांच की दीवार इस तरह खड़ी की गई थी कि बंगले की भव्यता कई गुना बड़ी दिख रही थी।टेक्नोलॉजी ओर स्थापत्यकला के सामंजस्य के कारण देवता और महल दोनों साफ नजर आ रहे थे। बंगले में भगवान जगन्नााथ के रथ के शिखर के दर्शन भी हो रहे थे। फूल बंगले में छतों पर मोगरे और गुलाब की लड़यों की सुंदर सज्जा और केले के तने पर की गई नक्काशी आकर्षण का केंद्र थी। मंदिर में चांद सितारों के बीच प्रभु के दर्शन आकर्षण का केंद्र थे। इस दौरान नागोरियापीठाधिपति स्वामी विष्णुप्रपन्नााचार्य महाराज भक्तों को दर्शन दे रहे थे।

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