महामीडिया न्यूज सर्विस
मध्यप्रदेश विधानसभा की फटकार के बाद रिजल्ट का फरमान जारी

मध्यप्रदेश विधानसभा की फटकार के बाद रिजल्ट का फरमान जारी

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 45 दिन 11 घंटे पूर्व
04/07/2019
भोपाल [महामीडिया ] सरकार भले ही प्रदेश के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के मौके मुहैया कराने पर लाख जोर दें, लेकिन ब्यूरोक्रेसी के रवैए में कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। सहकारी समितियों में तीन हजार 629 सेल्समैन की भर्ती हाईकोर्ट का स्टे बताकर बीते छह माह से रोककर रखी गई थीं, लेकिन जब आदेश देखा तो उसमें ऐसा कुछ नहीं थाजब इसको लेकर विधानसभा में सवाल लगा तो मंगलवार को आनन-फानन में सहकारिता आयुक्त एमके अग्रवाल ने रिजल्ट जारी करने के फाइल में आदेश कर दिए।सहकारी संस्थाओं में रिक्त पदों को भरने का फैसला शिवराज सरकार ने किया था। इसके लिए विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले भर्ती की तैयारी कर विज्ञापन निकाला गया था। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तारीख 28 सितंबर 2018 रखी गई थी। 30 से 40 हजार युवाओं ने इसके लिए एमपी ऑनलाइन के माध्यम से फार्म भरे, लेकिन इसके नतीजे अभी तक घोषित नहीं हो पाए।विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने इसमें चयन प्रक्रिया को लेकर पेंच फंसा दिया। दो-तीन याचिका हाईकोर्ट में भी दाखिल हो गई। चूंकि, पूरी प्रक्रिया पारदर्शी थी, इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया कि नियुक्ति कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। इसे सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने स्टे माना और रिजल्ट घोषित करने की फाइल को दबाकर बैठ गए।सहकारिता मंत्री डॉ. सिंह के सामने जब यह मामला आया तो उन्होंने फाइल बुलवाई और कोर्ट का आदेश देखा। इसमें चयन प्रक्रिया को रोककर रखने  जैसी कहीं कोई बात नहीं थी। इस आधार पर उन्होंने 20 मई को नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति देते हुए रिजल्ट घोषित करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद सहकारिता आयुक्त कार्यालय में फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी रही। जब कुछ विधायकों ने विधानसभा के मानसून सत्र के लिए इस संबंध में सवाल लगाए तो एक बार फिर फाइल खुली और मंत्री की फटकार  एमके अग्रवाल ने रिजल्ट घोषित करने का फरमान जारी कर दिया। 
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