महामीडिया न्यूज सर्विस
स्वास्थ्यः जामुन खायें सेहत बनाएं

स्वास्थ्यः जामुन खायें सेहत बनाएं

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 49 दिन 9 घंटे पूर्व
04/07/2019
भोपाल (महामीडिया) बरसात के मौसम में हर जगह खासकर सड़कों के किनारे लगी जामुन के फलों की रेहड़ियां सबके मन को लुभाती हैं। जामुन दवाई के गुणों से भरपूर मौसमी फल है। बाजार में भी जामुन भरपूर मात्रा में आनी शुरू हो गईं हैं। जामुन ही नहीं अपितु जामुन का बीज यहां तक कि जामुन के पेड़ की छाल भी औषधिये गुणों से भरपूर होती हैं। जामुन पेट से जुड़ी दिक्कतों से राहत के लिए रामबाण माना जाता है। दस्त, कब्ज, मधुमेह और पथरी की समस्या में जामुन काफी फायदा पहुंचाता है। इसमें कैंसररोधी गुण पाए जाते हैं। जामुन से भूख बढती है और भोजन पचाती है, शरीर से गंदगी बाहर निकलती है। इसका खट्टापन और अम्लीय गुण रक्त-दोषों को दूर करते है।
जामुन में कई प्रकार के मिनरल्स, जैसे कैल्शियम, आयरन और विटामिन सी अच्छी मात्रा में होते है। इस वजह से यह हड्डियों के लिए फायदेमंद तो है ही, साथ ही शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है। जिन लोगों को खून की कमी है, उनके लिए जामुन का सेवन संजीवनी बूटी की तरह ही है। इसमें पोटेशियम की मात्रा अधिक है। पोटेशियम खनिज से दिल का दौरा, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक आदि का रिस्क कम होता है। इसका केवल फल ही नहीं, बल्कि पत्तियों के भी काफी फायदे हैं। आयुर्वेद में इसकी पत्तियों का पाचन ठीक रखने और मुंह से जुड़ी समस्याओं में काफी इस्तेमाल किया जाता है।
जामुन के कच्चे फलों का सिरका बनाकर पीने से पेट के रोग ठीक होते हैं। यदि भूख कम लगती हो और यदि कब्ज की शिकायत रहती हो तो इस सिरके को ताजे पानी के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह और रात के समय एक हफ्ते तक नियमित रूप से सेवन करने से कब्ज दूर होती है और भूख बढ़ती है। इसका स्वाद खट्टा-मीठा होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है।
जामुन में एंटी ऑक्सीडेन्ट्स विशेष रूप से फ्लेबोनायड्स मिलते हैं जो स्मरण-शक्ति ठीक रखने में सहायक है। आग से जले के सफेद दागों पर जामुन के पत्तों का प्रतिदिन लेप करने से दाग ठीक हो जाते हैं। जामुन खाने से चेहरे के मुँहासे मिट जाते हैं। इसकी गुठलियों को पानी डालकर, पीसकर चेहरे पर लेप करके आधे घंटे बाद धोने से मुँहासों से छुटकारा मिलेगा।
हृदय रोगों में भी इसका सेवन लाभदायक है। पेट दर्द होने पर एक कप पानी में एक चम्मच जामुन का सिरका, जरा-सा काला नमक मिलाकर पियें। बार-बार होने वाले दस्तों में जामुन के कोमल पत्तों का दस ग्राम रस लेकर थोड़े से शहद में मिलाकर दिन में तीन बार लेने से काफी लाभ होता है। केवल इसका रस पीने से भी दस्त बन्द हो जाते हैं।
जिगर या तिल्ली बढ़ जाने की बीमारी में जामुन का रस कपड़े से छानकर उसमें रस से छठा भाग सेंधा नमक डालकर और बोतल में भरकर सात दिन तक रखा रहने दें। फिर 5 से 10 ग्राम की मात्रा में दिन में एक बार सुबह सेवन करने से बढ़ा हुआ जिगर और तिल्ली ठीक होती है।
पीलिया की बीमारी में भी जामुन का सेवन बहुत लाभकारी होता है | पीलिया होने पर इसके ताजा फलों के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से राहत मिलती है। जिन्हें अधिक प्यास लगती है और बार-बार पानी पीने की इच्छा होती है। ऐसी समस्या में जामुन खाने से लाभ होता है। खांसी और सांस -जिन लोगों को कफ की शिकायत हमेशा बनी रहती है और जिसके कारण खांसी और सांस की बीमारी रहती है, उन्हें जामुन की छाल का काढ़ा दोनों समय सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है।
किडनी स्टोन होने पर पानी ज्यादा पीने के साथ-साथ इसके नये ताजा पत्ते यानि कोंपलें लेकर पानी के साथ पीसकर चटनी बनाने के बाद उसमें काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सेवन करने पर पथरी निकल जाती है। लीवर रोगों व रक्त विकारों में जामुन के ताजा फलों के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से राहत मिलती है।

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