महामीडिया न्यूज सर्विस
बाहरी शीतलता के लिए वृक्षारोपण, आतंरिक शांति के लिए भावातीत ध्यान- ब्रह्मचारी गिरीश

बाहरी शीतलता के लिए वृक्षारोपण, आतंरिक शांति के लिए भावातीत ध्यान- ब्रह्मचारी गिरीश

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 101 दिन 23 घंटे पूर्व
10/07/2019
 भोपाल (महामीडिया) आज महर्षि सेंटर फार एजूकेशनल एक्सीलेंस, लांबाखेड़ा, भोपाल में सात दिवसीय वृक्षारोपण कार्यक्रम "हरा-भरा और शीतल भारत" का शुभारंभ हुआ।इस अवसर पर महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के माननीय अध्यक्ष ब्रह्मचारी गिरीश जी ने अपने संदेश में कहा कि "हरा-भरा और शीतल भारत" में शीतल का तात्पर्य है ठंडक या शीतलता। इसलिए हम बाहरी शीतलता के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें एवं आंतरिक शीतलता के लिए परम पूज्य महर्षि महेश योगी जी द्वारा प्रणीत भावातीत ध्यान का नियमित अभ्यास करें। इससे हमें बाहरी एवं आंतरिक दोनों तरह की शीतलता प्राप्त होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए महर्षि संस्थान अपने सभी संस्थानों में सात दिवसीय वृक्षारोपण कर रहा है।इस अवसर पर राज्य आनंद संस्थान के मुख्य कार्य अधिकारी अखिलेश अर्गल ने कहा कि एक पेड़ पचास वर्ष में लगभग एक करोड़ रुपये का लाभ देता है। जिसमें कई प्रत्यक्ष लाभ शामिल नहीं है। आज प्रतिवर्ष 300 वर्ग किलोमीटर का जंगल भारत में प्रतिवर्ष कम हो रहा है इसीलिए वृक्ष लगाकर उनका संरक्षण करने का महत्व है। महर्षि जी ने जीवन आनंद का जो संदेश पूरे विश्व को दिया था उसी आधार पर आज मध्यप्रदेश सरकार राज्य आनंद संस्थान के माध्यम से इस कार्य को आगे बढ़ा रही है। भारत आज विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद हम खुशी के पैमाने पर बहुत पीछे हैं। जिससे स्पष्ट है कि केवल पैसा खुशी का राज नहीं है।इस अवसर पर महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के कार्यपालक निदेशक डॉ. सी.पी. जोशी, महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के निदेशक संचार एवं जनसंपर्क व्ही.आर. खरे एवं महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के सहायक निदेशक रामदेव द्विवेदी मंच पर उपस्थित थे। इसके पश्चात् कार्यक्रम में उपस्थित समस्त लोगों ने लांबाखेड़ा परिसर में एक-एक वृक्ष हाथों से लगाकर वृक्षारोपण किया।


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