महामीडिया न्यूज सर्विस
मध्यप्रदेश के बजट के महत्वपूर्ण बिंदु

मध्यप्रदेश के बजट के महत्वपूर्ण बिंदु

admin | पोस्ट किया गया 39 दिन 4 घंटे पूर्व
10/07/2019
भोपाल[ महामीडिया ] ]  मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री तरुण भनोत ने बजट भाषण की शुरुआत कौटिल्य को याद कर की। उन्होंने कहा कि मुझे इस बजट को पढ़ते हुए खुशी हो रही है कि हमारी सरकार ने कम समय में ही प्रदेश की जनता के लिए काम किया। इस बीच आचार संहिता भी रही है, जिसमें हमने 128 दिनों में किसानों का कर्जा माफ, बिजली का बिल माफ किया और युवाओं के लिए काम किया। उन्होंने कहा- यह सरकार घोषणावीर न होकर कर्मवीर है। इस बार बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है
 इंदौर में बनेगी नई बर्न यूनिट
इंदौर- भोपाल को एक्सप्रेस वे की सौगात
इंदौर में सोलर लाइट की स्थापना
1 -मध्यप्रदेश में नई  MSMEनीति की घोषणा 17 हजार युवाओं को दी जा रही है ट्रेनिंग।
2- किसानों के लिए कर्जमाफी के लिए प्रतिबद्धता के साथ किसान सलाहकार समिति का गठन,,उन्नत खेती के लिए ट्रेनिंग, किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ पशुपालको को भी ।
3-महिलाओं के लिए ईरिक्शा योजना
4 - फूड प्रोसेसिंग यूनिट पर स्पेशल फोकस
5- किसानों के लिए कृषक बन्धु योजना
6-  मछलीपालन के लिए 16% ज्यादा बजट
7-गोशाला के लिए विशेष प्रावधान ,प्रति गोवंश 20 रुपये प्रतिदिन।
8-  निजी क्षेत्रों में 70% स्थानीय लोगों को रोजगार हेतु कानून
9- डॉक्टरों के खाली पद भरे जाएंगे
10- स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध कराने को प्राथमिकता
11- ग्वालियर में डेली कालेज ओर फूड प्रोसेसिंग यूनिट
12- महीनों में सड़कों की सूरत बदल देंगे।
13 - भोपाल, जबलपुर, इंदौर में मेट्रो।
14- सिचाई योजना का विस्तार होगा।
15 - मध्यान्ह भोजन योजना को सशक्त किया जाएगा।
16 - राईट टू वायर स्किम लाएंगे।
 17- आवास के लिए 6600 करोड़,ग्रामीणों के आवास के लिए प्राथमिकता।
18 - 30लाख किसानों का कर्ज माफ होगा।
कुल विनियोग राशि 233605.89 करोड़ रुपए।
शुद्ध व्यय 214085.02 करोड़ का प्रावधान।
विनियोग की राशि मे 20% की वृद्धि हुई।
पूंजीगत व्यय में 21% कई हुई वृध्दि।
कृषि विभाग में 66% की हुई है वृध्दि।
\19.जयकिसान योजन के लिए 8 हज़ार करोड़ रुपए का प्रावधान।
20. गेहूं पर बोनस के 1600 करोड़ का प्रावधान।
21.कृषि क्षेत्र में रोजगार के लिए 100 करोड़ का प्रावधान।
22.पेंशन और कन्यादान योजना में बढ़ोतरी कर 2891 करोड़ किया गया।
23.युवा स्वभिमान योजना में 330 करोड़ रुपए का प्रावधान।
24.लैंड मैनेजमेंट ऑथोरिटी बनाए जाने का प्रावधान।
25.राइट टू वाटर के लिए 1 हज़ार करोड़ रुपए का प्रावधान।
26.स्वस्थ सेवाओं के लिए सुषेण संजीविनी योजना लागू की जाएगी।
27.बजट में स्वस्थ के अधिकार को मिली जगह।
28.अनुसूचित जनजाति के लिए 33467 करोड़ का प्रावधान।
29.अनुसूचित जनजाति वित्त निगम के माध्यम से दिए गए 1 लाख तक के ऋण माफ किए जाएंगे।
30.अनुसूचित जनजाति उपयोजन के लिए 22793 करोड़ रुपए का प्रावधान।
31.सड़क निर्माण  एवं सिंचाई योजनाओं के लिए विशेष वित्तीय व्यवस्था।
32.कृषि क्षेत्र को मिला 46559 करोड़ का बजट।
33.जय किसान फसल रिन माफी योजना के लिए 8 हज़ार करोड़ का प्रावधान।
34.प्रधनमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 2201 करोड़ रुपए का प्रावधान।
35.उद्यानिकी विभाग के लिए 1116 करोड़ का प्रावधान।
36.वन विभाग की योजनाओं के लिए 2757 करोड़ का प्रावधान।
37.सहकारिता विभाग के लिए 2583 करोड़ का प्रावधान।
38.पशुपालन विभाग की योजनाओं के लिए 1204 करोड़ का प्रावधान।
39.पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 17186 करोड़ रुपए का प्रावधान।
40.नगरीय विकास एवं आवास के लिए 15665 करोड़ रुपए का प्रावधान।
41.स्मार्ट सिटी के लिए 300 करोड़ का प्रावधान।
42.लोक निर्माण के लिए 9220 करोड़ रुपए का प्रावधान।
43.नर्मदा घाटी के लिए 3322 करोड़ का प्रावधान।
44.सिंचसी परियोजना में पूंजीगत मद में 6877 करोड़ रुपए का प्रावधान।
45.लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की योजनाओं के लिए 4366 करोड़ रुपए।
46.स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 24499 करोड़ रुपए का प्रावधान।
47.तकनीकी शिक्षा के लिए  1666 करोड़ रुपए का प्रावधान।
48.आदिमजाति कल्याण विभाग के लिए 7492 करोड़ रुपए का प्रावधान।
49.पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के लिए 821 करोड़ रुपए का प्रावधान।
50.अनुसूचित जाती विभाग के लिए 1696 करोड़ रुपए का प्रावधान।
51.अनुसूचित जाति छात्रावास के लिए 294 करोड़ रुपए का प्रावधान।
52.लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 7547 करोड़ रुपए।
53.चिकित्सा शिक्षा के लिए 2309 करोड़ रुपए का प्रावधान।
54.आयुष विभाग के अंतर्गत 481 करोड़ रुपए का प्रावधान।
55.महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत 5292 करोड़ रुपए।
56.ऊर्जा क्षेत्र के अंतर्गत 9888 करोड़ रुपए का प्रावधान।
57.औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग में 1012 करोड़ रुपए का प्रावधान।
58.सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत 1121 करोड़ रुपए का प्रावधान।
59.संस्कृति विभाग को 226 करोड़ रुपए का प्रावधान।
60.पर्यटन विभाग को 229 करोड़ रुपए का प्रावधान।
61.सामाजिक न्याय एवं नि:शक्जन कल्याण विभाग के अंतर्गत 2891 करोड़ का प्रावधान।
62.गृह विभाग की योजनाओं के लिए 7634 करोड़ रुपए का प्रावधान।
63.केंद्रीकृत पुलिस कॉल सेंटर एवं नियंत्रण कक्ष तंत्र के लिए 122 करोड़ रुपए का प्रावधान।
64.विधि एवं वुधायी कार्य विभाग के अंतर्गत 2210 करोड़ रुपए का प्रावधान।        
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