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कर्नाटक की जद(एस)-कांग्रेस सरकार गिरी

कर्नाटक की जद(एस)-कांग्रेस सरकार गिरी

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 58 दिन 14 घंटे पूर्व
26/07/2019
भोपाल (महामीडिया) आखिरकार,  एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कर्नाटक की जद (एस) -कांग्रेस की गठबंधन वाली सरकार के अराजक कार्यकाल का ठीक 14 महीने के बाद मंगलवार को अंत हो गया। 
मुख्यमंत्री एचडी कुमावरस्वामी विश्वास मत में 99 के मुकाबले 105 से हार गए और इसके साथ ही  कर्नाटक में 18 दिन के इस राजनीतिक नाटक पर से पर्दा उठ गया। मई 2018 के कर्नाटक विधान सभा चुनावों में  भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी पर कांग्रेस और जद (एस) ने गठबंधन सरकार बनाने के लिए हाथ मिलाया और नई सरकार बनाई।  उसके बाद से ही राज्य विधानसभा में हंगामा हो रहा है। हालांकि,  सत्तारूढ़ गठबंधन स्थिर बना रहा लेकिन इस साल 23 मई को लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद संकट खड़ा हो गया।
वर्तमान राजनीतिक परिपेक्ष में बीजेपी के पास बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में सरकार बनाने का अच्छा मौका हैं। विश्वास मत में सरकार गवाने के बाद  एचडी कुमावरस्वामी ने कहा कि उन्होंने विश्वास प्रस्ताव जीतने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनके कुछ विधायक मित्रों ने ही उन्हें धोखा दे दिया।  दूसरी ओर बीएस येदियुरप्पा ने इस पुरे घंटना क्रम को लोकतंत्र की जीत के रूप में बताया । येदियुरप्पा ने यहां तक ​कहा कि कर्नाटक की जनता जेडी (एस) -कांग्रेस सरकार से तंग आ चुकी थी।
क्या कर्नाटक की इस हालिया राजनीतिक घटना का मध्य प्रदेश की सरकार पर कुछ असर पड़ेगा ? कुछ भी हो सकता हैं; मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के लिए आने वाले समय में राह इतनी आसान नहीं रहने वाली हैं।  मध्यप्रदेश में पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस आधे अधूरे जनादेश के साथ सत्ता में काबिज़ हुई । मध्य प्रदेश विधान सभा चुनावों की 230 सीटों में कांग्रेस ने  बीजेपी से बढ़त बनाते हुए 114 सीटें जीती थी जबकि बीजेपी सिर्फ 108 सीटें ही हासिल कर सकी थी । कांग्रेस के सरकार बनाने के लिए चार निर्दलीय, दो बसपा विधायक और एक समाजवादी पार्टी के विधायक की मदद ली । लोकसभा चुनावों में हुई हार ने मध्यप्रदेश सरकार के अस्तित्व पर एक गहरा असर डाला। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 29 में से 28 सीटें हार गई थी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नेताओं ने यह भी महसूस किया है कि कमज़ोर बहुमत होने से उनकी सरकार के अस्तित्व पर कभी भी खतरा हो सकता है । हाल ही में, उत्तर प्रदेश के दिग्गज भाजपा नेता लालजी टंडन को मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इस घटना क्रम से भी अटकलों में कुछ इजाफा होगा !
ऐसा लगता है, प्रकृति भी अपना रास्ता खुद बना लेती है। "जैसा आप बोयेंगे, वैसा ही आप काटेंगे" यह कहावत सभी दलों पर लागू  होती है। लेकिन फिर भी वे सीखते नहीं हैं और "गंदी राजनीति" खेलते रहते हैं।

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