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मप्र में भाजपा को 'कारोबारी' विधायकों के टूट का खतरा

मप्र में भाजपा को 'कारोबारी' विधायकों के टूट का खतरा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 85 दिन 7 घंटे पूर्व
27/07/2019
भोपाल (महामीडिया) मध्यप्रदेश विधानसभा में कमलनाथ नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में भाजपा के दो विधायकों द्वारा मतदान करने के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। भाजपा और कांग्रेस ने अपने विधायकों पर निगरानी कड़ी कर दी है। इसी हलचल में अब भाजपा को अपने 'कारोबारी' विधायकों के टूट का खतरा लग रहा है। क्योंकि खनन कारोबार, रेत कारोबार, शराब कारोबार और जमीन के कारोबार से जुड़े आधा दर्जन से ज्यादा विधायक पिछले दो महीने के भीतर मुख्यमंत्री कमलनाथ समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं।
मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी और ब्यौहारी विधायक शरद कौल ने विधानसभा में दंड विधेयक पर कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है। साथ ही उन्होंने भाजपा छोडऩे का ऐलान किया है। ये दोनों विधायक मूलत: कांग्रेसी हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने नारायण त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कराया था, इससे भाजपा को फायदा यह हुआ कि सतना से गणेश सिंह की लोकसभा सीट निकल गई और कांग्रेस के अजय सिंह करीब 8 हजार मतों से चुनाव हार गए। त्रिपाठी और सांसद गणेश सिंह की पटरी नहीं बैठ रही। गणेश सिंह सार्वजनिक तौर पर यह आरोप लगा चुके हैं कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में त्रिपाठी ने उनके साथ भितरघात किया था।
इन आरोपों के चलते त्रिपाठी नाराज चल रहे थे, उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह के सामने भी यह मामला रखा, लेकिन राकेश ने उन्हें गंभीरता से नहीं सुना। त्रिपाठी के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें कई दिनों से चल रही थीं, लेकिन मप्र भाजपा नेताओं को ऐसे विषयों पर चर्चा के लिए समय ही नहीं मिला। इसी तरह शरद कोल भी पार्टी नेताओं से नाराज चल रहे थे। कांग्रेस ने भाजपा के ऐसे ही असंतुष्ठ विधायकों पर डोरे डाले हैं। संभवत: यदि दोनों दल एक-दूसरे दलों के विधायकों की जोड़-तोड़ में जुटे रहे तो भाजपा के आधा दर्जन करीब विधायक भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि लोकसभा चुनाव के बाद से ही कांग्रेस ने भाजपा विधायकों पर डोरे डालना शुरू कर दिया था। ये विधायक ऐेसे हैं, जो खुद खनन, जमीन, शराब, ठेकेदारी के काम से जुड़े हैं या फिर उनके परिवार इस काम में शामिल हैं। जो विधायक या उनके परिजन भ्रष्टाचार या फिर गंभीर अपराधों में फंसे हैं, उन विधायकों ने सरकार से संपर्क किया है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार शराब एवं खनन कारोबार से जुड़े ऐसे आधा दर्जन विधायक हैं। साथ ही कुछ विधायक और उनके परिजनों के खिलाफ सरकारी जमीन हथियाने, अतिक्रमण करने और लोगों से जमीन के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। ऐसे विधायकों पर भी शिकंजा कसा गया है।

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