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समूचा देश खड़ा है उन्नाव बालात्कार काण्ड की पीड़िता के साथ

समूचा देश खड़ा है उन्नाव बालात्कार काण्ड की पीड़िता के साथ

admin | पोस्ट किया गया 54 दिन 6 घंटे पूर्व
30/07/2019
भोपाल (महामीडिया) उन्नाव में हुए बालात्कार कांड में जीवित बची पीड़िता की खबर ने पूरे देश को हिला दिया है। हर कोई इस वीभत्स मामले की सच्चाई जानना चाहता है। रायबरेली में रविवार को हुए एक्सीडेंट के बाद पीड़िता की  हालत नाजुक बनी हुई है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। इस सड़क दुर्घटना में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और नौ अन्य लोगों के खिलाफ देर से ही सही पर आखिरकार उत्तर प्रदेश पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर उसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौपने का फैसला किया है ।
हालांकि, पुलिस ने सोमवार को सेंगर, उनके भाई मनोज सिंह सेंगर और आठ अन्य लोगों के खिलाफ इस सड़क दुर्घटना के संबंध में हत्या का मामला दर्ज किया था, जिसमें बालात्कार पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके चाचा महेश सिंह की पत्नी और साली की मौत हो गई। बालात्कार पीड़िता, अस्पताल में अपने जीवन के लिए संझर्ष कर रही है ।  
जून 2017 में, यूपी के उन्नाव जिले में नाबालिग लड़की के साथ भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर, उसके भाई और अन्य साथियों द्वारा कथित तौर पर बलात्कार किया गया था, जब उसने नौकरी के लिए विधायक से संपर्क किया था। पीड़ित परिवार ने पुलिस को इस घटना की जानकारी दी, मगर अधिकारियों ने विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया। उसके बाद परिवार ने अदालत में मामला दायर किया। यह घटना ८ अप्रैल, 2018 को तब सामने आई, जब पीड़ित लड़की ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के सामने खुद को जलाने का प्रयास किया।
पांच दिन पहले, विधायक के परिवार से विवाद के बाद पीड़िता के पिता को बुरी तरह से पीटा गया। हालांकि दोनों पक्षों द्वारा शिकायतें दर्ज की गईं थीं पर पुलिस ने केवल पीड़ित परिवार पर ही कार्रवाई की और पीड़िता के पिता को शस्त्र अधिनियम के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया। अचरज की बात यह है कि न्यायिक हिरासत के दौरान जिस जिला अस्पताल में पीड़िता के पिता को भर्ती कराया गया था, वहां उनकी  मौत हो गई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उनके शरीर पर 14 घावों के निशान थे। इस घटना के एक दिन बाद की लड़की ने खुद को आग लगाने की कोशिश की थी ।
पिता की मृत्यु के बाद, अपराध शाखा ने विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया और इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए।अतुल पर आईपीसी की धारा 304 (हत्या के लिए दोषी नहीं है), धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के तहत आरोप लगाया गया था। कथित बलात्कार के साथ ही पिता की हिरासत में मौत के मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया।
यूपी विधानसभा में बांगरमऊ का प्रतिनिधित्व करने वाले चार बार के विधायक - कुलदीप सेंगर कथित बालात्कार के मामले में एक साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बाद में यूपी सरकार, राज्य के पुलिस प्रमुख, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि "पीड़ित परिवार को और अधिक उत्पीड़न झेलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है"। 
आशा है कि सीबीआई इस वीभत्स मामले की जांच पूरी सच्चाई के साथ सामने लाएगी और पीड़िता और उसके परिवार को जरुर न्याय मिलेगा।

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