महामीडिया न्यूज सर्विस
"ट्रिपल तलाक़ अब गैर कानूनी है"

"ट्रिपल तलाक़ अब गैर कानूनी है"

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 127 दिन 16 घंटे पूर्व
31/07/2019
भोपाल (महामीडिया) लंबे समय से लंबित तीन तलाक बिल को आखिरकार विपक्ष के हंगामे के बीच मंजूरी मिल गई। कुछ अनुच्छेदों में संशोधन और सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की विपक्षी दलों की मांग की नहीं मानते हुए इस बिल को उच्च सदन, राज्यसभा में लाया गया और कई सालों से अटका ये बिल लोकसभा के साथ यहाँ भी अब पारित हो गया।  
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसे देश की बड़ी आबादी की वंचित महिलाओं के लिए एक श्रेष्ठ सम्मान के रूप में उल्लेख किया, जो अपने जीवन साथी के सनकी फैसलों के कारण अपने जीवन में दर्दनाक परिस्थितियों का सामना करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय को राजनीतिक के निहित स्वार्थ में नहीं देखना चाहिए, बल्कि मुस्लिम महिलाओं को पूर्ण लाभ पहुंचने की दृष्टि से मूल्यांकन किया जाना चाहिए। कानून मंत्री का दावा इस समुदाय की महिलाओं की दुर्दशा को देखने के बाद सही लगता हैं जो अब तक इस प्रथा को बर्दाश्त करती आ रही थी ।
सभी वर्गों की महिलाओं ने इस बिल का स्वागत किया है और कहा है कि इस बिल का लाभ वंचित आबादी के हित में होना चाहिए, जिन्हें उन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है जो उनके जीवन में अचानक ही आ जाती थी ।
यद्यपि बिल पारित हो चूका है पर बिल के खिलाफ कुछ लोगों के रवैया से इस ख़ुशी के क्षणों में बाधा पहुंच रही है।  जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, उन्होंने शायद उस दुर्दशा के बारे में कभी नहीं सोचा होगा जिससे वंचित महिलाएं अचानक गुजरती हैं।
तुच्छ कारणों से लिए गए इस तरह के फैसले पूरी तरह से बंद होने चाहिए क्योंकि पति के इस रवैयों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है और पत्नी की सलाह के बिना उसको इस मामले की सजा में जमानत भी नहीं मिलेगी।   
कुछ ने इस बिल को अपराध की श्रेणी में लाने को सही ठहराया और कहा की ऐसे घिनौने कृत्य के सभी पहलुओं को देखते हुए इसे केवल अपराध ही कहा जाना चाहिए।
हालाँकि, इस बिल का राज्यसभा के माध्यम से पारित होना एक ऐतिहासिक बात है और सरकार को इसका श्रेय मिलना ही चाहिए  जिसने अपने राजनीतिक हित को दरकिनार करते हुए बड़ी आबादी के लोगो को फ़ायदा पहुंचने का काम किया ।
हम उन लोगों के प्रति भी सकारात्मक और अनुकूल दृष्टिकोण की आशा कर सकते हैं,  जिन्होंने समय-समय पर अपने कारणों की वजह से इस बिल के पक्ष में नहीं थे पर समय खुद इन विवादास्पद निर्णयों को उपयुक्त साबित कर देगा ।
सुनील एस ओखदे 
और ख़बरें >

समाचार

MAHA MEDIA NEWS SERVICES

Sarnath Complex 3rd Floor,
Front of Board Office, Shivaji Nagar, Bhopal
Madhya Pradesh, India

+91 755 4097200-16
Fax : +91 755 4000634

mmns.india@gmail.com
mmns.india@yahoo.in