महामीडिया न्यूज सर्विस
बाढ़ के कारण चार राज्यों में 225 लोगों की मौत

बाढ़ के कारण चार राज्यों में 225 लोगों की मौत

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 34 दिन 11 घंटे पूर्व
14/08/2019
नई दिल्ली  [महामीडिया]   देश के बाढ़ प्रभावित चार राज्यों केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात में मंगलवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 225 हो गई ।इनमें से केवल केरल में आठ अगस्त के अब तक 91 लोगों की मौत हुई है ।राज्य में और बारिश होने का अनुमान है हालांकि कर्नाटक और महाराष्ट्र में मौसम में सुधार हुआ है जिसके बाद बचाव एवं राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं ।ओडिशा में पिछले सप्ताह से भारी बारिश हो रही है ।राज्य के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार को बाढ़ जैसे हालात देखे गए और आगामी दो दिनों में और बारिश होने की संभावना है।केरल के अलावा, कर्नाटक में 54, महाराष्ट्र में 49 और गुजरात में 31 लोग बाढ़ और वर्षा जनित हादसों में मारे गए. उत्तर प्रदेश में भी बारिश जनित घटनाओं में दो लोगों के मरने की खबर है जहां कई इलाकों में रातभर भारी बारिश हुई. केरल में एर्णाकुलम, इडुक्की और अलप्पुझा के लिये रेड अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि राज्य के मध्य इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है.तिरुवनंतपुरम में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक के संतोष ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र मजबूत होने से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है. राज्य सरकार के अपडेट के अनुसार आठ अगस्त से अब तक मरने वालों की संख्या 91 पहुंच गयी और इसमें और इजाफा होने की आशंका है क्योंकि 59 लोग अब भी लापता हैं. अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित कोल्हापुर और सांगली जिलों में बचाव अभियान पूरा हो गया है. पानी घटने से अब प्रभावित लोगों को आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.    अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी महाराष्ट्र के पांच जिलों में नौ दिनों में मृतक संख्या बढ़कर 49 हो गई है.कर्नाटक सरकार की ओर से मंगलवार को जारी आधिकारिक अपडेट के अनुसार राज्य में बाढ़ एवं भारी बारिश से प्रभावित जिलों और जलाशयों में धीरे-धीरे जलस्तर घटने से स्थिति में सुधार हो रहा है. इसके अनुसार बाढ़ की स्थिति अब सामान्य हो रही है. बाढ़ प्रभावित जिलों में अब पानी धीरे-धीरे घटना शुरू हो गया है और बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है. कर्नाटक सरकार ने स्वतंत्रता दिवस समारोह सादे तरीके से मनाने का फैसला किया है क्योंकि राज्य के अधिकतर हिस्से बाढ़ और लगातार बारिश से प्रभावित हैं ।

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