महामीडिया न्यूज सर्विस
भारत का नदिया जिला 18 अगस्त को मनाता है स्वतंत्रता दिवस

भारत का नदिया जिला 18 अगस्त को मनाता है स्वतंत्रता दिवस

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 33 दिन 6 घंटे पूर्व
16/08/2019
नई दिल्‍ली [महामीडिया]आज से 73 साल पहले 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिली थी ।ये दिन पूरी दुनिया में भारत के स्वतंत्रता दिवस के तौर पर जाना जाता है ।लेकिन, आप ये जानकर हैरान होंगे इसी देश में कहीं पर 18 अगस्त को भी स्वतंत्रता दिवस मनाया ।जाता है जानें, इसके पीछे की रोचक कहानी.पश्चिम बंगाल के नदिया जिले को लेकर ये प्रशासनिक गलती हुई थी ये गलती थी उस अधिकारी को जिसे भारत और पाकिस्तान के बंटवारे की सीमा रेखा तय करने की जिम्मेदारी दी गई थी ।अंग्रेज अफसर सर रेडक्लिफ ने पहली बार में गलत नक्शा बना दिया था जिससे नदिया जिले को पाकिस्तान में शामिल दिखा दिया गया ।इस तरह नदिया जिले को पूर्वी पाकिस्तान में शामिल कर दिया गया था ।इलाके में बिगड़ते हालात अब काबू से बाहर थे. आम जनता का विद्रोह इतना बढ़ गया कि ब्रिटिश हुकूमत को अपना फैसला वापस लेना पड़ गया  ।हुआ यूं कि नदिया जिले में विद्रोह की खबर जब देश के अंतिम वायसराय लोर्ड माउंटबेटन तक पहुंची तो उन्होंने रेडक्लिफ को तत्काल अपनी गलती सुधारने के आदेश दिए ।अब रेडक्लिफ ने नक्शे में कुछ बदलाव किए और नदिया जिले के राणाघाट, कृष्णानगर, और करीमपुर के शिकारपुर को भारत में शामिल किया गया ।हालांकि इस सुधार प्रक्रिया में कुछ वक्त लग गया।इस तरह पूरी कागजी कार्रवाई के बाद नदिया जिला 17 अगस्त की आधी रात को भारत में शामिल हुआ वो इसी दिन भारत का हिस्सा बन पाए यहां के लोगों में उत्साह और इलाके में खुशियां मनाई जानें लगीं ।हिन्दुस्तान में शामिल होने के फैसले के बाद 18 अगस्त को कृष्णानगर लाइब्रेरी से पाकिस्तान का झंडा उतार दिया गया. अब यहां पर भारतीय तिरंगा फहराया गया. पूरे देश में जहां 15 अगस्त को ही तिरंगे का जश्न मना लिया गया था, वहीं यहां तिरंगा फहराने की तारीख बदल गई. उस वक्त के कानून के मुताबिक राष्ट्रध्वज के सम्मान में आम नागरिक सिर्फ 23 जनवरी, 26 जनवरी और 15 अगस्त को ही झंडा फहरा सकते थे लेकिन यहां के लोगों ने 18 अगस्त को झंडा फहरा दिया था।

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