महामीडिया न्यूज सर्विस
सुप्रीम कोर्ट में कार्बन डेटिंग

सुप्रीम कोर्ट में कार्बन डेटिंग

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 33 दिन 6 घंटे पूर्व
16/08/2019
नई दिल्‍ली [महामीडिया]सुप्रीम कोर्ट में कार्बन डेटिंग पर बहस छिड़ गई । कोर्ट ने एक पक्ष से मूर्ति की कार्बन डेटिंग पर पूछा है, जिसके जवाब में दूसरे पक्ष ने कहा है कि मूर्ति के अलावा दूसरी चीजों की कार्बन डेटिंग हुई थी ।आखिर कोर्ट मूर्ति की कार्बन डेटिंग में इतना इंटरेस्ट क्यों ले रही है. आइए जानें, ऐसे मामलों में कैसे मदद करती है विज्ञान की ये खास खोज।जानें, क्या है कॉर्बन डेटिंग, सुप्रीम कोर्ट  ने रामलला मामले में क्यों किया जिक्रअब आपको ये जानकर हैरानी होगी कि विज्ञान आज अपने आधुनिकतम दौर में है ।वैज्ञानिक तमाम तरीकों से इंसान की उम्र से लेकर जीव, वनस्पति की अनुमानित आयु पता लगाने में सक्षम हैं ।इस तकनीक को कार्बन डेटिंग के अलावा रेडियो कार्बन डेटिंग भी कहा जाता है ।कार्बन डेटिंग के जरिये वैज्ञानिक लकड़ी, चारकोल, बीज, बीजाणु और पराग, हड्डी,चमड़े, बाल, फर, सींग और रक्त अवशेष और पत्थर व मिट्टी से भी उसकी बेहद करीबी वास्तविक आयु का पता लगा सकते हैं  ऐसी हर वो चीज जिसके कार्बनिक अवशेष हैं जैसे शैल, कोरल, बर्तन से  लेकर दीवार की चित्रकारी की उम्र भी पता लगा लेते हैं ।

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