महामीडिया न्यूज सर्विस
गोटमार मेला आज

गोटमार मेला आज

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 16 दिन 2 घंटे पूर्व
31/08/2019
पांढुरना (महामीडिया) गोटमार मेले की शुरुआत 17वीं ई. के लगभग मानी जाती है। महाराष्ट्र की सीमा से लगे पांर्ढुना हर वर्ष भादो मास के कृष्ण पक्ष में अमावस्या पोला त्योहार के दूसरे दिन पांर्ढुना और सावरगांव के बीच बहने वाली जाम मे वृक्ष की स्थापना कर पूजा अर्चना कर नदी के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं और सूर्योदय से सूर्यास्त तक पत्थर मारकर एक-दूसरे का लहू बहाते हैं। इस घटना में कई लोग घायल हो जाते हैं। इस पथराव में लगभग 13 लोगों की मौत भी हुई है। इतना ही नहीं कई लोगों ने अपने शरीर के महत्वपूर्ण अग भी खोए हैं जो अपने जीवन मे मेले को गलत मानते हैं और इस पर अफसोस भी जताते हैं।
पलाश के वृक्ष के झंडे की स्थापना हो चुकी है। पूजा -अर्चना के बाद मन्नतों का दौर चल रहा है। लगभग एक घण्टे बाद गोटमार शुरू हो सकती है। दो पक्षों के बीच एक दूसरे पर पत्थर बरसाने का सिलसिला शुरू होकर दिन भर चलेगा और लगभग शाम 6 बजे पलाश के वृक्ष के झंडे को पांढुर्ना पक्ष के लोग काटकर माँ चण्डिका के मंदिर मे अर्पण कर गोटमार मेले को खत्म करेंगे। इस दौरान सैकड़ों लोग पत्थरबाजी के चलते घायल भी होंगे।
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