महामीडिया न्यूज सर्विस
छत्तीसगढ़ की वनतुलसी पर बांग्लादेश की नजर

छत्तीसगढ़ की वनतुलसी पर बांग्लादेश की नजर

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 21 दिन 2 घंटे पूर्व
02/09/2019
बिलासपुर[ महामीडिया ] छत्तीसगढ़ की वनतुलसी पर बांग्लादेश की नजर लग गई है। बांग्लादेश के व्यापारियों की रुचि के चलते छत्तीसगढ़िया तुलसी के आयात के दरवाजे भी खुल गए हैं। मैसूर और बेंगलुरु की अगरबत्ती निर्माता इकाइयां हमेशा से छत्तीसगढ़ की ही वनतुलसी की खरीदी को प्राथमिकता देती रही हैं, लेकिन इस बार स्थितियां कुछ बदली-बदली सी नजर आ रही है। चौतरफा मांग और कम उत्पादन के किसानों को अच्छी कमाई के आसार हैं।बेंगलुरु और मैसूर की अगरबत्ती निर्माता कंपनियों की मांग वैसे तो हमेशा से रहती आई है लेकिन अगस्त से नवंबर माह का समय हमेशा से इन इकाइयों के लिए संकट का माना जाता है क्योंकि स्टॉक लगभग समाप्ति की ओर हो चुका होता है, लेकिन इस बार बांग्लादेश ने छत्तीसगढ़ की वनतुलसी के लिए अपना बाजार खोल दिया है इसलिए इन दोनों शहरों को आपूर्ति कम कर दी गई है।प्रदेश में स्टॉक का हाल यह है कि यह लगभग समाप्ति की ओर है इसलिए ऊंचे दर पर खरीदी हो रही है।वनतुलसी के लिए पूरा छत्तीसगढ़ श्रेष्ठ माना जाता है। हर जिला, हर गांव इससे धनी है। नवंबर के माह में जब नई फसल तैयार होने लगती है, तभी से सौदे होने लगते हैं लेकिन इस बार स्थितियां पूरी तरह विपरीत है क्योंकि बांग्लादेश में इस तुलसी की अच्छी मांग है।तुलसी परिवार का सदस्य होने से इसे भी महत्ता मिली हुई है। मेडिशनल प्रॉपर्टीज के गुण ज्यादा होने के बाद भी इसे घरों में जगह नहीं मिली। अनुसंधान में तुलसी की जिन प्रजातियों की पहचान हुई है उसमें इसे दसवां सदस्य माना गया है।जो नौ और सदस्य उनमें राम तुलसी, बहु तुलसी, ज्ञान तुलसी, श्वेत तुलसी, रजत तुलसी और बनतुलसी जैसे मुख्य है। लेकिन सबसे ज्यादा औषधीय गुण इसी में मिले है। घरों में जगह नहीं मिलने से इसने अपने आप को खरपतवार के बीच बसा लिया है। 4 से 5 फीट तक की ऊंचाई वाला वनतुलसा का बीज दिसंबर के अंत में तैयार हो जाता है।

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