महामीडिया न्यूज सर्विस
अमेरिका ने भी माना अनुच्छेद 370 और 35ए कश्मीरी अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभावपूर्ण था

अमेरिका ने भी माना अनुच्छेद 370 और 35ए कश्मीरी अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभावपूर्ण था

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 17 दिन 18 घंटे पूर्व
05/09/2019
वाशिंगटन (महामीडिया) एक शीर्ष कश्मीरी-अमेरिकी संगठन का कहना है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए ने जम्मू कश्मीर में सशस्त्र हिंसा के लिए जमीन तैयार की थी। उसने बुधवार को आरोप लगाया कि दुष्प्रचार करने वाले लोगों का एक समूह इन प्रावधानों को निरस्त करने के बारे में गलत सूचनाएं और भ्रम फैला रहा है। 
कश्मीरी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले अमेरिका स्थित संगठन ने कहा कि कश्मीर घाटी में रह रहे लोगों के लिए इंटरनेट और फोन लाइन बंद करने जैसे किसी भी तथाकथित अन्याय की निंदा करना मनुष्य का स्वभाव है लेकिन पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र के हम अल्पसंख्यकों का भाग्य तय करने वाले इन प्रावधानों के असर को समझना भी समझदारी है। 
उसने कहा कि अस्थायी अनुच्छेद 370 और 35ए सभी मूल निवासी कश्मीरी अल्पसंख्यकों सूफी मुस्लिम, शिया मुस्लिम, अहमदी मुस्लिम, दलितों, गुज्जरों, कश्मीरी पंडित के नाम से पहचाने जाने वाले कश्मीरी हिंदुओं, कश्मीरी सिख और बौद्धों के खिलाफ अत्यधिक भेदभावपूर्ण थे। केएओ ने कहा, ??अनुच्छेद 370 और 35ए ने कश्मीर में सशस्त्र हिंसा के लिए जमीन तैयार की।?? 
उसने कहा कि घाटी में दशकों तक धमकी और उत्पीड़न का अभियान चला तथा वहाबीवाद के जरिए इस्लाम की अनैतिक व्याख्या के बढ़ते प्रभाव के साथ 80 के दशक में हालात और बिगड़ गए। उसने कहा कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवादी समूहों का वित्त पोषण कर, उन्हें हथियारों से लैस कर तथा प्रशिक्षण दे कर इस स्थिति का फायदा उठाने में कामयाब रहा। 
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