महामीडिया न्यूज सर्विस
चन्द्रयान पर वैज्ञानिकों का हौसला कायम

चन्द्रयान पर वैज्ञानिकों का हौसला कायम

admin | पोस्ट किया गया 93 दिन 3 घंटे पूर्व
09/09/2019
बेंगलुरू (महामीडिया) मिशन चंद्रयान 2 को लेकर बड़ी खबर आई है। जानकारी के अनुसार, लैंडर विक्रम को नुकसान नहीं पहुंचा है और उससे संपर्क साधने की पूरी कोशिश की जा रही है। इसरो सूत्रों के अनुसार विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह पर झुका हुआ खड़ा है, साथ ही रोवर प्रज्ञान उसके भीतर ही है। विक्रम लैंडर अपने तय स्थान से करीब 500 मीटर दूर चांद की जमीन पर झुका हुआ खड़ा है लेकिन अगर उससे संपर्क स्थापित हो जाए तो वह वापस अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। इसरो के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर में वह टेक्नोलॉजी है कि वह गिरने के बाद भी खुद को खड़ा कर सकता है, लेकिन उसके लिए जरूरी है कि उसके कम्युनिकेशन सिस्टम से संपर्क हो जाए और उसे कमांड रिसीव हो सके।
विक्रम लैंडर में ऑनबोर्ड कम्प्यूटर है। यह खुद ही कई काम कर सकता है। विक्रम लैंडर के गिरने से वह एंटीना दब गया है जिसके जरिए कम्युनिकेशन सिस्टम को कमांड भेजा जा सकता था। अभी इसरो वैज्ञानिक यह प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह उस एंटीना के जरिए विक्रम लैंडर को वापस अपने पैरों पर खड़ा होने का कमांड दिया जा सके। वैज्ञानिकों के अनुसार, उनके पास विक्रम से संपर्क साधने के लिए 12 दिन हैं। क्योंकि अभी लूनर डे चल रहा है। एक लूनर डे धरती के 14 दिनों के बराबर होता है। इसमें से 2 दिन बीत चुके हैं। यानी अगले 12 दिनों तक चांद पर दिन रहेगा। उसके बाद चांद पर रात हो जाएगी, जो पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होती है। रात में उससे संपर्क करने में दिक्कत होगी। 

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