महामीडिया न्यूज सर्विस
मोदी सरकार 2.0 के 100 दिन

मोदी सरकार 2.0 के 100 दिन

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 5 दिन 19 घंटे पूर्व
10/09/2019
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हाल ही में अपने दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे किए है । अपने पहले 100 दिनों में, मोदी सरकार ने अपनी आक्रामक विदेश नीति को जारी रखा है। बिम्सटेक समूह (बंगलादेश, म्यांमार श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान) के नेताओं को अपने शपथ समारोह में बुलाने से लेकर पडोसी देश भूटान और मालदीव का दौरा करना, और संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन की यात्रा के माध्यम से पश्चिमी एशियाई देशों के साथ संबंधों को और गहरा करना शामिल है । जापान में जी-20 शिखर सम्मेलन हो या फ्रांस में जी-7 या रूस का हालिया द्विपक्षीय दौरा, इस दौरान प्रमुख शक्तियां से मिलकर बातचीत के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी सबसे आगे निकल गए है।  
घरेलू मोर्चों पर भी उनकी कई उपलब्धियां है जैसे कि ट्रिपल तालक पर बिल को मंजूरी देना और अनुच्छेद 370 और 35A के तहत जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करना और कूटनीतिक रूप से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को अलग-थलग करना। अगर चंद्रयान -2 का विक्रम लैंडर विफल नहीं होता, तो मोदी सरकार 2.0 की उपलब्धियां और कई गुना बड़ जाती । सरकार ने  "बहु-गठबंधन" की नीति का अनुसरण किया है, उन्होंने विभिन्न शक्तियों के साथ अच्छे संबंध की तलाश की, इसमें वो भी शामिल है जिनके एक-दूसरे के साथ अच्छे सम्बन्ध नहीं है।
इसमें कोई शक नहीं हैं की कश्मीर के फैसले के साथ कूटनीतिक चुनौती और ज्यादा तेज़ हो गई है, और पाकिस्तान और चीन इसके विरोध में है । भारत ने अपने दोनों पड़ोसियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने के उनके प्रयास को विफल कर दिया। इसने स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर एक आंतरिक मामला है; यह कदम भारत की क्षेत्रीय सीमाओं को नहीं बदलता है; और यह नई व्यवस्था आर्थिक विकास में अधिक न्यायसंगत और शुरुआत दोनों ही होगी।
रविवार को, रोहतक की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के पहले 100 दिनों को उसके परिवर्तन, दृढ़ संकल्प, सुधार और अच्छे इरादे के लिए परिभाषित किया जा सकता है । ?पिछले 100 दिनों में, हमने जितने भी बड़े फैसले लिए है उनकी प्रेरणा 130 करोड़ भारतीयों से ही मिली है । यह केवल आपके विश्वास से संभव हो पाया है कि सरकार कृषि से संबंधित निर्णय भी राष्ट्रीय सुरक्षा में ले सकती है। ?
विश्लेषकों का मानना है कि मोदी 2.0 सरकार को मजबूत निर्णय लेने और उद्देश्य की स्पष्टता के साथ रखने के लिए जाना जाएगा, लेकिन यह भी मानना होगा कि आने वाले दिनों में अर्थव्यवस्था को संभाले रखना एक बड़ी चुनौती रहेगी।  और सबसे बुरी चिंता और परेशानियां आर्थिक वृद्धि हो लेके ही है, जो चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में छह साल के निचले स्तर पर 5% पहुंच गई है। सामान्य परिभाषा में कहे तो यह 17 साल के निचले स्तर पर है। निवेशकों का भरोसा भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। कई सेक्टर्स में हर तरह की नौकरियों की कटौती से निराशा और बढ़ रही है। कार निर्माताओं और बिस्किट निर्माताओं से लेकर कपड़ा और एमएसएमई तक, कई ऐसे सेक्टर हैं जो किसी निश्चित सुधार की जरूरत का रोना रो रहे हैं। यदि अर्थव्यवस्था में इसी तरह गिरावट जारी रही और इसका प्रभाव से आम आदमी की स्थित में भी गिरावट आई, तो सकारात्मक मनोदशा बदल सकती है।
किसी भी सरकार को उसके पहले 100 दिनों के कार्यालय के प्रदर्शन से आंका नहीं जा सकता है, लेकिन इससे सरकार की प्रकृति और शक्ति, उद्देश्य और प्राथमिकताओं और इसे लागू करने के किये गए उनके दिशा निर्देशों को प्रदर्शित करते हैं। नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी दूसरी पारी में अपने 100 दिन पूरे कर लिए हैं, और इन सभी सम्बंधित मामलों में पर्याप्त संकेत भी  दिए गए हैं, और जो तस्वीर इनसे उभरी है, वह इतनी भी सुखद  नहीं है, जैसा कि इनके नेता और प्रवक्ता दावा करते हैं। 100 दिनों के अंत में, अर्थव्यवस्था, समाज और राजनीति की रिपोर्ट से ऐसा लगता है यह शुरुआत की तुलना में ज्यादा खुश दिखाई नहीं दे रहा है।
प्रभाकर पुरंदरे
और ख़बरें >

समाचार

MAHA MEDIA NEWS SERVICES

Sarnath Complex 3rd Floor,
Front of Board Office, Shivaji Nagar, Bhopal
Madhya Pradesh, India

+91 755 4097200-16
Fax : +91 755 4000634

mmns.india@gmail.com
mmns.india@yahoo.in