महामीडिया न्यूज सर्विस
पितृ पक्ष में विधिविधान के साथ किया जा रहा है पूर्वजों का श्राद्ध

पितृ पक्ष में विधिविधान के साथ किया जा रहा है पूर्वजों का श्राद्ध

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 37 दिन 13 घंटे 16 सेकंड पूर्व
13/09/2019
भोपाल (महामीडिया) आज से पितृ पूजा का पर्व श्राद्ध पक्ष शुरू हो रहा है। नदियों, तालाबों में लोग आज स्नान कर पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त कर जल अर्पण कर रहे हैं और पितृ ऋण से मुक्त होने की प्रार्थना कर रहे हैं। पूर्वजों की पूजन भी तिथि के अनुसार की जाती है। अतः इसी दिन तर्पण और श्राद्ध करते हैं। इस बार पितृ पक्ष 13 सितंबर से शुरू होकर 28 सितंबर तक चलेंगे। 13 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध है, वहीं सर्वपितृ अमावस्या 28 सितंबर को रहेगी।
शास्त्रों के अनुसार, देवकर्म दिन में 12 बजे पहले होते हैं और पितृ कर्म 12 बजे बाद। श्राद्ध का समय तब होता है जब सूर्य की छाया पैरों पर पड़ने लगे। इस तरह श्राद्ध दोपहर के बाद ही करना चाहिए। कहते हैं कि सुबह जल्दी या 12 बजे से पहले किया गया श्राद्ध पितरों तक नहीं पहुंचता है। पूर्वज, पितृ या परिवार के दिवंगत सदस्य के परलोक गमन की जो तिथि है, पितृपक्ष में पड़ने वाली उसी तिथि को उनका श्राद्ध किया जाता है। यदि देहावसान की तिथि ज्ञात न हो, तो सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध किया जाता है।
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