महामीडिया न्यूज सर्विस
हिन्दी राष्ट्रीय एकीकरण की धुरी है

हिन्दी राष्ट्रीय एकीकरण की धुरी है

admin | पोस्ट किया गया 34 दिन 12 घंटे पूर्व
14/09/2019
भोपाल (महामीडिया) हिन्दी वाक्य-रचना की एक सुनिश्चित व्यवस्था है, जिसे हम अन्विति कहते हैं। जिसमें कर्ता के अनुसार ही क्रिया का निर्धारण होता है जैसे, 'लड़का घर जा रहा है' और स्त्रीलिंग में 'लड़की घर जा रही है'। इसी प्रकार हिन्दी में सामान्यतया 'अकारान्त' संज्ञा शब्द पुल्लिंग और 'इकारान्त' स्त्रीलिंग के रूप में प्रयुक्त होते हैं। वैसे इसके बहुत से अपवाद भी हैं, जैसे 'हाथी' इकारान्त है, पर पुल्लिंग है। लेकिन भाषा में अपवाद का मिलना सामान्य-सी बात है, क्योंकि व्याकरण के नियम के अनुसार भाषा नहीं बनी हुई है। भाषा को देखकर व्याकरण के नियम बने हैं।
हिन्दी विश्व की एक प्रमुख भाषा है एवं भारत की राजभाषा है। केंद्रिय स्तर पर भारत में दूसरी आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है। यह हिन्दुस्तानी भाषा की एक मानकीकृत रूप है जिसमें संस्कृत के तत्सम तथा तद्भव शब्द का प्रयोग अधिक है और अरबी-फारसी शब्द कम हैं। हिन्दी संवैधानिक रूप से भारत की प्रथम राजभाषा और भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। हालांकि, हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है क्योंकि भारत के संविधान में किसी भी भाषा को यह स्थान नहीं दिया गया था। चीनी के बाद यह विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा भी है। विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार यह विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है। हिन्दी और इसकी बोलियाँ सम्पूर्ण भारत के विविध राज्यों में बोली जाती हैं। भारत और अन्य देशों में भी लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं। फिजी, मॉरिशस, गयाना, सूरीनाम की ओर नेपाल की जनता भी हिन्दी बोलती है। 2001 की भारतीय जनगणना में भारत में 42 करोड़ 20 लाख लोगों ने हिन्दी को अपनी मूल भाषा बताया। भारत के बाहर, हिन्दी बोलने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका में 6,48,983, मॉरीशस में 6,85,170, दक्षिण अफ्रीका में 8,90,292, यमन में 2,32,760, युगांडा में 1,47,000, सिंगापुर में 5,000, नेपाल में 8 लाख, जर्मनी में 30,000 हैं। न्यूजीलैंड में हिन्दी चौथी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसके अतिरिक्त भारत, पाकिस्तान और अन्य देषों में 14 करोड़ 10 लाख लोगों द्वारा बोली जाने वाली उर्दू, मौखक रूप से हिन्दी के काफी सामान है। लोगों का एक विशाल बहुमत हिन्दी और उर्दू दोनों को ही समझता है। भारत में हिन्दी, विभिन्न भारतीय राज्यों की 14 आधिकारिक भाषाओं और क्षेत्र की बोलियों का उपयोग करने वाले लगभग 1 अरब लोगों में से अधिकांश की दूसरी भाषा है। भाषा विकास क्षेत्र से जुड़े वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी हिन्दी प्रेमियों के लिए बड़ी सन्तोषजनक है कि आने वाले समय में विश्वस्तर पर अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की जो चन्द भाषाएँ होंगी उनमें हिन्दी भी प्रमुख होगी।
- कृपाशंकर सिंह
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