महामीडिया न्यूज सर्विस
देश में लागू नहीं हो सकती समान नागरिक संहिता-मुस्लिम संगठन

देश में लागू नहीं हो सकती समान नागरिक संहिता-मुस्लिम संगठन

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 37 दिन 8 घंटे पूर्व
15/09/2019
नई दिल्ली [ महामीडिया ] समान नागरिक संहिता पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के एक दिन बाद कई मुस्लिम संगठनों ने कहा है कि इतनी विविधताओं वाले देश में यह न तो व्यावहारिक है और न ही इसे लागू करना संभव है। अलग-अलग पर्सनल लॉ और समुदायों यहां तक कि एक ही धर्म के भीतर अलग-अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए संगठनों ने इस विचार पर सवाल उठाए हैं।ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद जैसे अल्पसंख्यक संगठनों के प्रमुख सदस्यों ने पिछले साल 31 अगस्त को पारिवारिक कानून पर विधि आयोग द्वारा जारी किए गए परामर्श पत्र का भी हवाला दिया। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड महासचिव मौलाना सैयद वली रहमानी ने कहा यूनिफॉर्म सिविल कोड को इस समय लागू करना न तो जरूरी है और न ही वांछनीय है। उन्होंने कहा कि यह बात विधि आयोग ने अपने परामर्श पत्र में भी कही है। बोर्ड ने तब अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा था कि वह आयोग द्वारा सुझाए गए पर्सनल लॉ में बदलावों और सुधार के लिए तैयार नहीं है। उसने कहा था कि यह सब सामाजिक ढांचे के जरिए ही हो सकेगा।एक साल से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद अब यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने शुक्रवार को संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने पर सरकार के गंभीर न होने पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा कि 1956 में हिंदू लॉ पास किया गया था। इसके 63 साल बीत जाने के बाद भी समान नागरिक संहिता की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए।

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