महामीडिया न्यूज सर्विस
सिख विरोधी दंगों को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

सिख विरोधी दंगों को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 84 दिन 16 घंटे पूर्व
17/09/2019
भोपाल (महामीडिया) केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा गठित विशेष जांच दल ने सिख विरोधी दंगों से जुड़े सात मामलों को फिर से खोलने के फैसले के बाद मप्र के मुख्यमंत्री पर एक बार फिर 1984 का साया मंडराने लगा है। फाइल दोबारा खुलने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने कमलनाथ को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अब कमलनाथ अपनी उल्टी गिनती गिनना शुरू कर दें। उन्होंने सिख विरोधी दंगे के चश्मदीद संजय सूरी के गवाह बनने का स्वागत किया। 
उन्होंने ट्विट कर लिखा है कि, 'न्याय में देरी हो सकती है, न्याय से बचा नहीं जा सकता। मैं संजय सूरी जी के फैसले को एफआईआर विटनेस के रूप में एफआईआर 601/84 मामले में पेश होने का स्वागत करता हूं। उन्होंने राहुल गांधी को भी आगाह करते हुए कहा है कि वह सच सुनने के लिए तैयार रहें।'
उन्होंने कहा है कि, 'आज संजय सूरी ने एक चश्मदीद गवाह के रूप में पेश होने का फैसला किया है। 1984 के सिख विरोधी दंगों में कमलनाथ की संलिप्तता की जांच के लिए इस मामले को फिर से खोल दिया गया था। संजय सूरी पहले ही नानावटी आयोग में गवाही दे चुके हैं कि 'कमलनाथ मौजूद थे और लोगों को उकसा रहे थे।' आज, मुख्तियार सिंह भी इस बात का विवरण देने के लिए अपना आवेदन दे रहे हैं कि उन्होंने क्या देखा। अब कमलनाथ का समय पूरा हो गया है। उन्हें अपने अपराधों के लिए जेल जाना पड़ेगा।'
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