महामीडिया न्यूज सर्विस
ड्रोन के जरिए फैल रहा है आतंक

ड्रोन के जरिए फैल रहा है आतंक

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 73 दिन 20 घंटे पूर्व
26/09/2019
भोपाल (महामीडिया) ड्रोन के जरिए आतंक फैलाना अब एक नया ट्रेंड बनता जा रहा है। एक हफ्ते पहले ही सऊदी अरब की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर हमलों ने उसको हैरान किया, जिसमें ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। हमलों ने वैश्विक तेल आपूर्ति को संभावित रूप से 5% से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया है।  
अब पाकिस्तान, जिसे भारत में भारी सुरक्षा बलों की उपस्थिति के कारण आतंकवादी घुसपैठ करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है; वो भारतीय क्षेत्र में शांति भंग करने के लिए इस 'ड्रोन युक्ति' का उपयोग कर रहा है। कश्मीर मुद्दे पर सभी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर विफल होने के बाद, पाकिस्तान की ओर से अपने ड्रोन के द्वारा हथियारों और संचार उपकरणों को भारतीय क्षेत्र में पहुंचाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है।
हाल ही में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के लिये कम से कम ड्रोन की आठ उड़ानों में 80 किलो हथियार गिराए। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) नेटवर्क का उपयोग करते हुए पूरी खेप पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस की शह में और जर्मनी और लाहौर के माध्यम से संचालित की गई थी।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रोन सस्ते होते हैं और पारंपरिक वायु रक्षा तंत्र जैसे राडार की पकड़ में आसानी से नहीं आते और बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाने की दिशा में लंबी दूरी की मिसाइलें और फाइटर जेट का पता लगाने की अपेक्षा धीमी, कम उड़ान वाले ड्रोन का पता लगाने में सक्षम होते हैं। ड्रोन भी आतंकवादियों को किसी लक्ष्य पर बमबारी करने के लिए शारीरिक रूप से भेजने की आवश्यकता को दूर करते हैं।
दुनिया भर में कई आतंकवादी संगठनों को ड्रोन की महत्वपूर्ण जरुरतों की आपूर्ति के लिये जाना जाता है। पंजाब में हथियारों के एयर-ड्रॉप में आईएसआई का हाथ इंगित किया जा रहा है, इसमें ड्रोन एक नई प्रॉक्सी युद्ध रणनीति में भूमिका निभा सकता है। 
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने बुधवार को चेतावनी दी कि दुनिया असहिष्णुता, हिंसा, अतिवाद और आतंकवाद के कारण एक "अभूतपूर्व खतरे" का सामना कर रही है। इस खतरे से हर देश प्रभावित है और यह संघर्षों को बढ़ा रहा है तथा सभी क्षेत्रों को अस्थिर कर रहा है। सुरक्षा परिषद की दुनिया के नेताओं की वार्षिक सभा के मौके पर, उन्होंने कहा कि  यह नया मोर्चा साइबर आतंकवाद है जिसमें सोशल मीडिया और डार्क वेब का इस्तेमाल हमलों में तालमेल करने, प्रचार करने और नए लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए किया जाता है।" इसमें कोई संदेह नहीं है कि सीरिया और इराक से आने वाला "आतंकवादी खतरा" बहुत तेजी से अफ्रीका के माध्यम से फैल रहा है, जिसमें लीबिया भी शामिल है। मध्य, दक्षिणी और दक्षिणपूर्वी एशिया भी ऐसे क्षेत्र बनते जा रहे हैं, जहां आतंकवाद की बर्बरतापूर्ण हरकतें जारी हैं।"
पाकिस्तान, जो पहले से ही अपने प्रशिक्षित जिहादी तत्वों को कश्मीर में धकेलना शुरू कर चुका है, वो बहुत पहले खत्म हो चुके खालिस्तान जैसे उन्माद फ़ैलाने वाले संगठनों को भी भारत के खिलाफ एक दूसरे मोर्चे की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।भारतीय अनुमान के अनुसार पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लगभग 450-500 आतंकवादी मौजूद हैं। इसके अलावा 250 अन्य लॉन्च पैड और एलओसी के किनारे स्थित शिविरों में तैनात हैं।
- प्रभाकर पुरंदरे

और ख़बरें >

समाचार

MAHA MEDIA NEWS SERVICES

Sarnath Complex 3rd Floor,
Front of Board Office, Shivaji Nagar, Bhopal
Madhya Pradesh, India

+91 755 4097200-16
Fax : +91 755 4000634

mmns.india@gmail.com
mmns.india@yahoo.in