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नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में लगी भक्तों की भीड़

नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में लगी भक्तों की भीड़

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 15 दिन 7 घंटे पूर्व
29/09/2019
भोपाल (महामीडिया) नवरात्र के पहले दिन आज सुबह से देवी मंदिरों में माता के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लग गई। राजधानी भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जा रही हैं। भव्य पंडालों को सजाया गया है।
मैहर में मां शारदा देवी के मंदिर में सुबह महाआरती हुई। इसके साथ ही माता का महाश्रृंगार किया गया। उधर रतलाम के कालका माता मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ लगी है। इस दौरान महिलाओं ने मंदिर परिसर में गरबा भी खेला और मां की आराधना की। 
मान्यता है कि मैहर में माता वैष्णवी है तथा सात्विक शारदा सरस्वती का साक्षात स्वरूप हैं। जो अध्यात्मिक क्षेत्र में बुद्धि, विद्या व ज्ञान की प्रदायनी देवी मानी जाती है। मां शारदा मंदिर पिरामिड आकार की पहाड़ी पर स्थित है। जहां पहुंचने के लिए 1052 सीढ़ियां निर्मित हैं। 
मां के अनन्य भक्त महोबा के महापराक्रमी सेनापति आल्हा का अखाड़ा भी मां शारदा मंदिर पहाड़ी के समीप स्थित है। ऐसी मान्यता है कि घोर कलयुग में भी मां शारदा द्वारा आल्हा की भक्ति तथा तपस्या से प्रसन्न् हो उन्हें अमरत्व प्रदान किया गया। मां शारदा मंदिर प्रांगण में स्थित फूलमती माता का मंदिर आल्हा की कुल देवी का है। जहां विश्वास किया जाता है कि प्रतिदिवस ब्रह्म मुहूर्त में स्वयं आल्हा द्वारा मां की पूजा अर्चना की जाती है। मां शारदा मंदिर के उत्तर दिशा में एक किलोमीटर में आल्हा अखाड़ा स्थित है। जहां पर परमवीर आल्हा का भव्य मंदिर, शिव जी का प्राचीन मंदिर, नव ग्रह वाटिका व नक्षत्र उद्यान व आल्हा ताल है। 
राजधानी भोपाल का तलैया स्थित काली मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। लोग नौकरी, संतान प्राप्ति सहित अनेक प्रकार की मुरादें लेकर मां के पास आते हैं और कलावा या पन्नियां बांधकर मातारानी के चरणों में अर्जी लगाते हैं। 
भोपाल से महज 35 किलोमीटर दूर बैरसिया के समीप तरावली गांव है, जहां मां हरसिद्धि के दरबार में मन्नत पूरी करने के लिए भक्त उल्टे फेरे लगाते हैं। उनकी आस्था है कि यहां उल्टे फेरे लगाने से उनके बिगड़े काम बन जाते हैं। यहां हर साल नवरात्र में विशेष पूजा-अर्चना करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से जबलपुर की और 100 किमी की दूरी पर ऐतिहासिक नगर बाडी में स्थित "मां हिंगलाज शक्ति पीठ" है। सीहोर जिले में है सलकनपुर नामक गांव। यहां स्थित 1000 फीट ऊंची पहाड़ी पर विराजमान है बिजासन देवी। यह देवी मां दुर्गा का अवतार हैं। देवी मां का यह मंदिर मप्र की राजधानी भोपाल से 75 किमी दूर है। मां बिजासन के दरबार में दर्शनार्थियों की कोई पुकार कभी खाली नहीं जाती है। 
भोपाल शहर का एक मंदिर कफ्र्यूवाली माता के नाम से भी प्रसिद्ध है। भवानी चौक सोमवारा स्थित कफ्र्यूवाली माता मंदिर अब शहर की पहचान बन चुका है। नवरात्र में यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, साथ ही सालभर यहां दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रहती है।  

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