महामीडिया न्यूज सर्विस
मध्यप्रदेश के मुकुंदपुर सफारी में गूंजी किलकारी

मध्यप्रदेश के मुकुंदपुर सफारी में गूंजी किलकारी

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 36 दिन 23 घंटे पूर्व
12/10/2019
रीवा  [ महामीडिया ] रीवा जिले के मुकुंदपुर में बने व्हाइट टाइगर सफारी में 3 नए सदस्य बढ़ गए हैं। जी हां, यहां पर एक शेरनी ने 3 शावकों को जन्म दिया है। हालांकि एक शावक की हालत गंभीर बनी हुई है। जबकि दो शावक अपनी मां से लिपटे हुए दिखाई देते रहे हैं। व्हाइट टाइगर सफारी में 3 नए सदस्य बढ़ने से पर्यटकों में उत्साह है।बताया जा रहा है कि तीनों शावक अपनी मां के साथ बाड़ी में हैं। शावकों पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। शावकों के पास जाने पर शेरनी हिंसक होने लगती है। ऐसे में शावक फिलहाल शेरनी के पास ही रखे गए हैं। वन विभाग का अमला इन शावकों और शेरनी की देखरेख में लगा है। शावकों के जन्म के बाद शेरनी की खुराक में बढ़ोतरी की गई है और उनकी नियमित जांच भी की जा रही है।रीवा से दुनिया भर में भेजे गए बाघों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन आखिरी बाघ के रूप में 8 जुलाई 1976 को विराट नाम के बाघ की मौत के बाद सफेद बाघों के बिना ही जंगल रहे। सतना और रीवा जिले की सीमा पर स्थित मांद रिजर्व क्षेत्र मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी बनाई गई, यहां पर भोपाल के वन विहार से 9 नवंबर 2015 को सफेद बाघिन विंध्या लाई गई। वर्तमान में मुकुंदपुर सफारी और चिडिय़ाघर में सफेद बाघों का दो जोड़ा है। साथ ही तीन यलो टाइगर के साथ ही एक जोड़ा लायन भी है। व्हाइट टाइगर सफारी को देखने के लिए विदेशी पर्यटक भी अब मुकुंदपुर पहुंचने लगे हैं।रीवा की धरती से सफेद शेर मोहन के वंशज दुनिया के कई देशों में भेजे गए। जहां भी सफेद शेर हैं वे कहीं न कहीं मोहन के वंशज ही हैं। रीवा से सफेद शेर अमेरिका, जापान, इंग्लैण्ड, युगोस्लाविया, हंगरी, अफ्रीका के कई देशों सहित अन्य स्थानों पर भेजे गए थे।

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