महामीडिया न्यूज सर्विस
बेंगलुरु की छात्रा बनी एक दिन की ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर

बेंगलुरु की छात्रा बनी एक दिन की ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 37 दिन 19 मिनट पूर्व
12/10/2019
बेंगलुरु [ महामीडिया ] बेंगलुरु की रहने वाली कानून की एक छात्रा को एक दिन के लिए ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर बनने का खास मौका मिला है। इस एक दिन में छात्रा को यूके-इंडिया के बीच होने वाले डिप्लोमेटिक निर्णयों के संबंध में जानने का मौका मिला। ब्रिटिश हाई कमीशन द्वारा महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए यह खास पहल की है, इसके तहत 'इंटरनेशनल डे फॉर गर्ल्स' के तहत एक दिन की ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर बनाने के लिए प्रतियोगिता के जरिेये चुनाव किया जाता है। इस बार बेंगलुरु की कानून की छात्रा अंबालिका का इस खास दिन के लिए चयन हुआ था। यह लगातार दूसरा साल है जब ब्रिटिश एंबेसी द्वारा यह कवायद की गई।जेरेमी पिलमोर बेडफोर्ड से चार्ज लेकर अंबालिका शुक्रवार को एक दिन के लिए ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर, बेंगलुरु की भूमिका में नजर आईं। यह भारत में यूके की तीसरी सबसे बड़ी पोस्ट है। अपने इस एक दिन के कार्यकाल में अंबालिका ने ब्रिफिंग सेशन की अध्यक्षता करने के साथ ही यूएन द्वारा घोषित 'इंटरनेशनल डे ऑफ द गर्ल चाइल्ड' के मौके पर सरकारी और व्यापारिक प्रतिनिधियों की बैठक भी ली।अपने इस अनूठे अनुभव के बारे में अंबालिका बताती हैं कि 'मेरा पूरा दिन पॉवर पैक था क्योंकि पहले से ही पूरे दिन के लिए प्लानिंग हो गई थी। मैं बेंगलुरु में ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर ऑफिस के सभी कर्मचारियों से मिली। इसके बाद हम व्हाइटफील्ड में टेस्को गे जहां उसकी कार्यप्रणाली को देखा। यहां हमने विद्या लक्ष्मी से भी मुलाकात की जो जेंडर इक्वीलिटी के लिए काम कर रही हैं।'अंबालिका ने यह भी कहा कि यह सिर्फ एक दिन का काम नहीं है, बल्कि यह एक पूरी कार्यप्रणाली है कि आखिर हम इस पोस्ट तक कैसे पहुंच सकते हैं और इसके साथ ही अब यह देखने की शुरुआत हुई है कि आखिर इन ऑफिस पोस्ट पर कैसे काम किया जाता है और भारत और यूके के बीच डिप्लोमेटिक रिलेशन कैसे रहते हैं। यह मेरे लिए एक अच्छा अनुभव था।
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